
शारदा प्रबंधक समिति मैहर की राशि गवन करने बाले आरोपीगण को 3 वर्ष का सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा।
न्यायालय- श्रीमान सुरेश यादव न्यायायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मैहर। आर्थिक अपराध शाखा रीवा इकाई के अपराध क्रमांक 11/2001,धारा 120बी,409,467,468,477ए भादवी के अंतर्गत अभियुक्त 1रामकिशोर निगम पिता भैयालाल निगम उम्र 35 वर्ष (बर्तमान उम्र 62 वर्ष)। निवासी रामकोड़ी थाना मैहर जिला सतना म.प्र.हाल लिपिक तहसील कार्यालय मैहर जिला सतना। 2 दामोदर द्विवेदी पिता भगवान द्विवेदी उम्र 38 वर्ष ( बर्तमान उम्र 56 वर्ष) निवासी विवेकानंद कॉलेज के सामने मैहर जिला सतना , हाल सेवा से पृथक कर्मचारी श्री शरदा प्रबंधक समिति मैहर जिला सतना। को न्यायालय द्वारा आज दिनांक 15-10-2020 को दोषी पाते हुए आरोपी रामकिशोर निगम को 3 वर्ष का सश्रम कारावास एबं 14000 और आरोपी दामोदर द्विवेदी को 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
घटना का संक्षिप्त विवरण- सहायक मीडिया प्रभारी आदित्य पांडेय ने बताया कि तहसील मैहर जिला सतना में माँ शरदा देवी का प्राचीन मंदिर है जिसके प्रबंध का कार्य मा शारदा प्रबंध समिति प्रबंधक द्वारा किया जाता है। जिसके जिलाधीश सतना पदनाम से अध्यक्ष एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मैहर पदनाम से मुख्य कार्यपालन अधिकारी होते हैं। समिति के रुपये पैसा का लेखा जोखा लेखपाल द्वारा किया जाता है जो कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मैहर का शासकीय कर्मचारी होता है जिसे पडनियुक्ति पर रखा जाता है। समिति के शेष कर्मचारी दैनिक वेतनभोगी अशासकीय कर्मचारी होते हैं। जिनकी नियुक्ति समिति स्वयं करती है। समिति के मैहर के ग्रामीण बैंक में 2 खाते हैं जिसमे समिति के चढ़ोत्तरी और अन्य मदों से प्राप्त धनराशि कैशियर और लेखपाल द्वारा जमा किया जाता है।राज्य आपराधिक अन्वेषण व्यूरो मप्र के इकाई रीवा में दर्ज शिकायत क्रमांक 47/1999 के सत्यापन के दौरान शारदा प्रबंध समिति मैहर जिला सतना के वर्ष 1980 से 1999 तक कि समय अबधि के आय एवं व्यय के उपलब्ध अभिलेखों एवं दस्तावेज की जांच कराई गई जिसमें समिति के चढ़ोत्तरी व अन्य मदों में प्राप्त धनराषि का अलग अलग समय पर समिति के केशियर दामोदर द्विवेदी एवं लेखपाल रामकिशोर निगम और कार्यालय अधीक्षक सुरेंद्र पांडेय द्वारा 1181828 रुपये का गवन किया गया।न्यायालय द्वारा आरोपियों के विरुद्ध अपराध सावित होने पर आरोपियों को 3-3 वर्ष की सजा से दिनांक 15-10-2020 को दंडित किया गया।मामले में एक आरोपी सुरेंद्र पांडेय की विचारण दौरान मृत्यु हो चुकी है। मामले में अभियोजन का पक्ष ऐडीपीओ ब्रजेन्द्र पाल सारस्वत( आर्थिक अपराध शाखा ) द्वारा किया गया।