लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध के दस्तावेज के बाद अब 3 साल का मंथली रिपोर्ट्स हटाई गई, सफाई भी आई

रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट से 2017 के बाद से सभी मंथली रिपोर्ट्स को हटा लिया है. इन रिपोर्ट्स में लद्दाख में चीन द्वारा ‘एकतरफा आक्रमण’ और साल 2017 का डोकलाम गतिरोध भी शामिल है. अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय ने कहा है कि पहले की रिपोर्टें जल्द ही ‘अक्टूबर में ही’ वेबसाइट पर वापस आ जाएंगी. रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय ने कहा कि सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट तैयार करने और साझा करने के लिए तंत्र को पहले के बजाय अधिक ‘व्यापक’ बनाने के लिए यह किया जा रहा है.
गतिरोध शुरू होने के 3 महीने बाद और इसे अपलोड किए जाने के 2 दिन बाद, MoD वेबसाइट पर पूर्वी लद्दाख में भारतीय क्षेत्र में चीनी घुसपैठ को स्वीकार करने वाले दस्तावेज को 6 अगस्त को हटा दिया गया था. मिल रही जानकारी के मुताबिक हर रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाता है. इन रिपोर्ट्स में आमतौर पर बड़े ऑपरेशनों पर कुछ नहीं कहा जाता. इसमें बालाकोट हवाई हमले, भारत-पाकिस्तान के बीच हुई हवाई नोंकझोक और डोकलाम तैनाती शामिल है.
बता दें 6 अगस्त को हटाई गई रिपोर्ट में कहा गया था, ‘चीन ने 17 से 18 मई के बीच लद्दाख में कुंगरांग नाला, गोगरा और पैंगोंग सो झील के उत्तरी किनारे पर अतिक्रमण किया है.’ इसमें कहा गया था, ‘5 मई के बाद से चीन का यह आक्रामक रूप LAC पर नजर आ रहा है. 5 और 6 मई को ही पैंगोंग सो पर भारत और चीन की सेना के बीच में झड़प हुई थी. लेकिन, ये डिटेल देने के कुछ देर के अंदर ही सभी डॉक्यूमेंट्स हटा लिए गए हैं.’ मंत्रालय के दस्तावेज में कहा गया था, ‘ये विवाद लंबा चल सकता है. भारत चीन के बीच विवाद खत्म करने के लिए दोनों देशो के कोर कमांडर के बीच 5 बार बातचीत हो चुकी है. एलएसी पर तनाव तो कम है, लेकिन हालात में किसी तरह का बदलाव नहीं है.’