यूपी(लखनऊ) : निजीकरण के विरोध में उतरे अभियंता, पुलिस ने 500 लोगों को किया गिरफ्तार

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार शाम मशाल जुलूस निकाला। राणा प्रताप मार्ग स्थित फील्ड हॉस्टल से पांच बजे जैसे ही अभियंताओं ने जुलूस निकालना चाहा तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर दोनों पक्षों में जमकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान पुलिस ने संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे को गिरफ्तार कर लिया।
इससे भड़के बिजली कर्मचारियों ने गिरफ्तारी देनी शुरू कर दी। इसी के साथ समिति ने पूरे प्रदेश में जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया। पुलिस ने गिरफ्तार अभियंताओं और कर्मियों को ईको गार्डन पहुंचा दिया। गिरफ्तार होने वालों में अभियंता संघ के महासचिव प्रभात सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पल्लव मुखर्जी, लेसा जोन सिस गोमती के सचिव आशीष कुमार, जूनियर इंजीनियर संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश, केंद्रीय महासचिव जीवी पटेल समेत करीब 500 अभियंता व कर्मचारी शामिल हैं।
संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे का कहना है कि उनकी अफसरों से कई राउंड बातचीत हुई है। सर्किल अफसर ने सभी गिरफ्तार अभियंता और कर्मियों को रिहा करने की बात कही, लेकिन अभियंता और कर्मियों ने कहा कि जब तक प्रदेश में गिरफ्तार किए गए उनके साथी रिहा नहीं किए जाएंगे, तब तक वे ईको गार्डन में ही डटे रहेंगे। शैलेंद्र ने कहा कि सरकार ने बिजली विभाग का निजीकरण किया तो सभी को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उधर, उप्र. पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। अध्यक्ष केबी राम, कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा व संगठन सचिव अजय कुमार ने गिरफ्तार कर्मियों की तत्काल रिहाई की मांग की है।