
बरेली। कारागार में बंदियों के शिक्षा, सुधार, कौशल विकास एवं पुनर्वास की दिशा में चलाए जा रहे कार्यक्रमों के तहत रविवार को जिला कारागार बरेली में नवभारत साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत हुई इस परीक्षा में कुल 35 बंदियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें 5 महिला बंदी भी शामिल रहीं। कारागार मंत्री दारासिंह चौहान की प्रेरणा एवं पुलिस महानिदेशक, कारागार पी.वी. रामाशास्त्री के निर्देशन में बंदियों की शिक्षा, सुधार, कौशल विकास एवं पुनर्वास के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में निरक्षर बंदियों को साक्षर बनाने का कार्यक्रम 08 अगस्त 2026 से शुरू किया गया था। इसका उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बरेली के सचिव ज्योति प्रदीप सिंह द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम को प्रारंभ कराने में जेल अधीक्षक अकरम खान का विशेष सहयोग रहा।

परीक्षा की तैयारियों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन तथा बेसिक शिक्षा विभाग, बरेली द्वारा बंदियों की शिक्षा के लिए तैनात शिक्षक संजীব गंगवार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परीक्षा संचालन में जेलर आनन्द सिंह, सुशील वर्मा, डिप्टी जेलर राघवेन्द्र सिंह वर्मा, वीरेश्वर प्रताप सिंह, सोमित्रदेव त्रिपाठी एवं देवदत्त ने विशेष योगदान दिया।
शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगे बंदी
जेल अधीक्षक आलोक शुक्ला ने बताया कि बंदियों के सुधार एवं पुनर्वास के लिए शिक्षा और कौशल विकास के कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बंदी शिक्षा एवं कौशल अर्जित कर रोजगार प्राप्त करने के साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने में सक्षम हो सकते हैं। परीक्षा में सफल होने वाले बंदियों को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एनआईओएस (NIOS) द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर यादवेन्द्र मोहन फार्मासिस्ट, राहुल मिश्रा कनिष्ठ सहायक, चीफ हेड वार्डर रामगोपाल सिंह, अशोक शुक्ल, बृजेश मिश्रा, श्रीमती शैलो शर्मा एवं सुश्री रीना सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।