
कानपुर के चर्चित बिकरू कांड की एसआईटी जांच पूरी हो गई है। कुछ दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद एसआईटी इसी माह के अंत तक अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने कई लोकसेवकों की भूमिका व कार्य शैली पर सवाल उठाया है।
दहशतगर्द विकास दुबे और उसके साथियों के वर्चस्व में स्थानीय पुलिस व प्राशसन के लोगों की भूमिका तय की गई है। एसआईटी को अपराधियों से मिले शस्त्र लाइसेंसों व चल अचल संपत्तियों पर भी रिपोर्ट देनी है। एसआईटी के अलावा ईडी व न्यायिक आयोग भी विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं।
अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता वाली एसआईटी ने इस प्रकरण में 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए। इनमें कई पुलिसकर्मी शामिल हैं। एसआईटी ने विकास दुबे व उसके करीबियों के मोबाइल फोन के सीडीआर की भी जांच की है। एसआईटी को कुछ तय बिंदुओं पर सुझाव भी देना है।