
बरेली। थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र में हुए विवाद और उसके बाद बढ़ी हिंसक घटना के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने सख्त कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 04 अप्रैल 2026 को ग्राम पुरनापुर में पूर्व से चल रहे विवाद के चलते दो पक्षों के बीच गाली-गलौज और मारपीट हुई थी। इस संबंध में दोनों पक्षों ने थाना बिथरी चैनपुर में एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में सामने आया कि विवाद की जड़ एक युवती को भगा ले जाने की पुरानी रंजिश थी, जो लगातार बढ़ती जा रही थी।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि मामले की जानकारी होने के बावजूद हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक अमरेश कुमार द्वारा समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। वहीं बीट आरक्षी आकाश ने भी विवाद की गंभीरता से उच्चाधिकारियों को अवगत नहीं कराया। नतीजतन 05 अप्रैल को एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मामला फायरिंग तक पहुंच गया।
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक अमरेश कुमार और बीट आरक्षी आकाश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

इसके अलावा, तत्कालीन थाना प्रभारी चन्द्र प्रकाश शुक्ला पर भी संदिग्ध आचरण के आरोप लगे हैं। आरोप है कि उन्होंने हमलावर पक्ष के खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की और स्थानांतरण से ठीक पहले क्रॉस एफआईआर दर्ज की। साथ ही निरोधात्मक कार्रवाई में भी ढिलाई बरती गई।
इन सभी आरोपों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी चन्द्र प्रकाश शुक्ला को भी निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।