
शातिरों की होगी निगरानी
बरेली। डीआईजी कार्यालय में मंडलीय अपराध समीक्षा गोष्ठी के दौरान चार जिलों के पुलिस अधीक्षक जुटे। डीआईजी ने उन्हें अपराध नियंत्रण के साथ ही टॉप टेन अपराधियों की गिरफ्तारी व शातिरों की निगरानी का निर्देश दिया। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में निर्देशों के अनुसार आपराधिक प्रकरण, माफिया के विरुद्ध कार्रवाई, निरोधात्मक कार्रवाई, गंभीर मामलों व लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की। विवेचना के जल्द निस्तारण, गिरफ्तारी के लिए शेष पुरस्कार घोषित व वांछित अपराधियों पर कार्रवाई के बारे में पूछा। गुंडा अधिनियम, गोवध निवारण अधिनियम, सशस्त्र अधिनियम, गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के अंतर्गत की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की।
डीआईजी ने इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस फीडिंग की स्थिति जानी। सड़क दुर्घटना बाहुल्य स्थानों के चिह्नीकरण, सड़क दुर्घटना से होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिये जीरो फेटेलिटी कार्यक्रम के तहत सड़क सुरक्षा, वाहन चालकों की जिम्मेदारी, हेलमेट/सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग व यातायात नियमों के पालन को लेकर निर्देश दिए। कहा कि सभी पुलिस अधीक्षक अपने जिलों में सड़क हादसों की मृत्यु दर को शून्य पर लाने के लिए अभियान की तरह लें।