
एटा,आजकल महा जून में हर साल दीवानी न्यायालय बंद हो जाती है मैंने एक मुकदमा दीवानी अदालत में वर्ष 2016 में दाखिल किया था कि मेरी निजी जगह में कुछ दबंग लोग जबरदस्ती रास्ता बना रहे थे मेरे पिता और बाबा के द्वारा दी गई बहन में की जगह में जो रास्ता दिया था उसे रास्ते को उन्होंने घर कर अपने मकान में शामिल कर लिया और अब मेरी निजी जगह में रास्ता बना रहे थे मैं मुकदमा दायर किया उसमें माननीय अदालत में स्थगन आदेश जारी करके सभी पक्षों को निषेध कर दिया कि आप कोई निर्माण नहीं करेंगे बाद में नगर पालिका ने और विभाग ने जबरन सड़क बनाने की कोशिश की तो उनको भी मुकदमा में पक्ष बनाया गया उसके पश्चात भी मुकदमा में अब तारीख 9 जुलाई भारतीय अग्रिम सुनबाई नियत है जिलाधिकारी महोदय नगर पालिका सभी विभागों के अधिवक्ता गण न्यायालय में उपस्थित आते हैं लेकिन आज सुबह नायब तहसीलदार अग्रवाल लेखपाल और कानून को नेम सिंह आदि सात आठ लोगों की टीम के साथ नगर पालिका की जय लता वर्मा तथा ठेकेदार मौके पर आए और आने के बाद साथ ही उन्होंने कुछ निर्माण सामग्री लाकर डाल दी है और आते ही सड़क निर्माण का काम शुरू करने के लिए कहने लगे विरोध करने पर तथा न्यायालय के आदेश दिखाने पर भी नहीं माने और कह गए कि हम जनता की भावनाओं का ध्यान रखेंगे ऐसे आदेश तो होते ही रहते हैं इन लोगों की जबरदस्ती मंशा को समझते हुए मैं 112 नंबर पर पुलिस को कॉल किया पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति को देख पुलिस कर्मियों ने इंस्पेक्टर कोतवाली नगर को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया और वह पुलिसकर्मी जाते समय कह गए कि आप जाकर के थाने में रिपोर्ट दिखाएं मैं यह नहीं समझ पा रहा कि यह जिला प्रशासन के अधिकारी एक पीसीएस अधिकारी के दबाव में जो दिल्ली में रहता है और पक्ष मुकदमा है उसके दबाव में इतने आतुर क्यों हैं कि अपनी नौकरी और अपने सब कुछ दाव पर लगाकर के न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं मजबूरन मुझे कोतवाली में और पुलिस अधीक्षक महोदय को शिकायत दर्ज करके न्यायालय में उनके खिलाफ न्यायालय के आदेश की अवहेलना हुकूमतउली और अपने पद का दुरुपयोग करने आदि संगत विचारधाराओं में कार्रवाई करने को मजबूर होना पड़ेगा मेरा नाम अंकुश गुप्ता एडवोकेट है मैं दीवानी न्यायालय एटा में पिछले करीब 10 साल से वकालत कर रहा हूं और बाहर का नियमित सदस्य हूं अधिवक्ता होने के नाते जब मेरे साथ यह कृत्य प्रशासनिक अधिकारियों का हो रहा है तो मैं समझ सकता हूं कि आम जनता के साथ इस सरकार में इन भ्रष्ट्र अधिकारियों का क्या हाल होगा जय हिंद जय भारत जय संविधान