
यूपी में मंदिर पर सरकार आई यूपी में मंदिर प्रांगण की भूमि पर भू-माफिया हावी सरकारी मशीनरी दिए हुए संरक्षण
मंदिर प्रांगण की भूमि पर कब्जाधारियों के होंसले बुलंद
लखनऊ -उत्तर प्रदेश में भले ही संत सरकार मंदिर पर आई है, लेकिन मंदिर प्रांगण की भूमि पर भू-माफिया/कब्जाधारियों ने योगी आदित्यनाथ सरकार में ही सबसे ज्यादा मंदिर प्रांगण भूमि बेच कर मालामाल हो रहे हैं, जिसका जीता जागता उदाहरण उत्तर प्रदेश का जनपद एटा है, जहां मंदिर प्रांगण भूमि जिलाध्यक्ष संदीप जैन ने खड़े होकर अपने भतीजे से घंटाघर स्थित राधाकृष्ण मंदिर प्रांगण की भूमि बेच कर खरबों रुपए एकत्रित कर लिये और शानो-शौकत एक राजा जैसे हो गई दो वर्ष के कार्यकाल में मंदिरों की भूमि पर तोड़फोड़ कर उपजिलाधिकारी सदर एवं राजस्व विभाग टीम को लिफाफा दे कर पचा गए हैं, तेजतर्रार आईएएस प्रेम रंजन सिंह जिलाधिकारी एटा को भूमाफिया का झोल समझ में आया तो उक्त मंदिर प्रांगण भूमि को अवैध निर्माणधीन गोदाम एवं दुकानों को सील करने के आदेश पारित करने के डेढ़ साल बाद भी फाइल सरकारी कार्यालयों में धूल फांकते दव गई है, जिसका कारण जिलाअध्यक्ष एटा वेटिंग में जाने से चार्ज संदीप जैन पर है, सरकार चैंजिंग होते ही संदीप जैन मंदिर प्रांगण भूमि घोटाले में एटा जिला जेल में हवा पानी खाते मिल जाएगे, फिलहाल मंदिर प्रांगण भूमि पर तोड़फोड़ कब्जा लगातार जारी है, नन्नूमल चौराहे से दस कदम की दूरी पर प्राचीन शिव मंदिर प्रांगण भूमि पर भी तोड़ फोड़ कर भूमाफिया ने शानदार हाउस तैयार कर दिया है, भूमाफिया कैलाश मंदिर प्रांगण के सरोवर तालाब को मिट्टी में पाट कर प्लाटिंग प्लान तैयार कर रहे है, आखिरकार संत सरकार में चार विधायक एक पूर्व सांसद को भी मंदिर प्रांगण भूमि पर तोड़फोड़ कब्जा नहीं दिख रहा है, सांसद एटा शायद अभी मंदिर प्रांगण भूमि को देखना नहीं चाहते है क्योकिं उत्तर प्रदेश सरकार ही कार्यवाही अमल में ला सकती है, संत सरकार का जिलाअध्यक्ष जब मंदिर प्रांगण भूमि पर तोड़फोड़ कर भतीजे से खुलेआम एक दुकान पचास लाख में बिका दिए तो बीस दुकान एवं तीन गोदाम की जगह बेच खाए और योगी आदित्यनाथ को आंखों पर पट्टी बांध आएं,सईया भये कोतवाल डर किस बात को