
वाराणसी से क्रांति का शंखनाद! ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के अधिकारों के लिए महासंग्राम की तैयारी!
संयुक्त चालक यूनियन का होगा गठन, जो इस आंदोलन का करेंगी नेतृत्व।
नई दिल्ली/वाराणसी:
काशी नगरी में अन्याय के खिलाफ दहाड़! भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फोरम ने ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के सम्मान और सुरक्षा के लिए छेड़ा निर्णायक युद्ध! अब नहीं सहेंगे शोषण, अब बुलंद होगी हर आवाज!
विश्व की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी अब परिवर्तन की ज्वाला बनेगी! यहां से उठेगी एक ऐसी हुंकार, जो पूरे देश के हुक्मरानों की नींद उड़ा देगी! भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फोरम ने अन्याय और शोषण के शिकार ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कमर कस ली है। यह कोई मामूली आंदोलन नहीं, बल्कि एक महासंग्राम है, जिसकी शुरुआत गंगा की पवित्र धरती से होने जा रही है!
क्यों भड़की यह क्रांति?
कब तक यह शोषण चलेगा? कब तक हमारे अन्नदाता सड़कों पर लुटते रहेंगे? पूरे देश में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से अवैध वसूली, उनका मनमानी चालान और सम्मानहीन जीवन जीने को मजबूर हैं चालक। उनकी मेहनत की कमाई को बेरहमी से छीना जा रहा है, उनकी सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया है। अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है!
भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौबे ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब इन मेहनतकशों के अधिकारों की रक्षा और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हर हाल में होगा!
रणनीति: एकजुटता ही हमारी शक्ति!
यह लड़ाई अकेले नहीं लड़ी जाएगी! ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की एक संयुक्त यूनियन का गठन किया जा रहा है, जो इस आंदोलन का नेतृत्व करेगी। वाराणसी की सड़कों पर उमड़ेगा जनसैलाब! हजारों की संख्या में ऑटो और ई-रिक्शा चालक अपने हक के लिए गरजेंगे! यह महासंग्राम सिर्फ वाराणसी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश में फैलेगा! पिछले 8 वर्षों से भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फोरम देश के सभी चालकों के अधिकारों और सुरक्षा की आवाज उठाता रहा है और अब इस आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर बुलंद करने का समय आ गया है! परिवहन क्षेत्र की पत्रकारिता को मजबूत करने का हमारा संकल्प इस आंदोलन को और धार देगा!
हमारा लक्ष्य: अधिकार, सुरक्षा और सम्मान!
वाराणसी और पूरे देश के ऑटो एवं ई-रिक्शा चालक अब और अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे! उन्होंने कहा कि हमारी मांगें स्पष्ट हैं:
अवैध वसूली बंद करो! हर तरह के नाजायज टैक्स और उगाही को जड़ से खत्म करो!
स्टेंट व्यवस्था लागू करो! चालकों को सुरक्षा मिलनी चाहिए!
अनैतिक चालानबाजी पर लगाम लगाओ! मनमाने और गलत तरीके से किए जा रहे चालानों को रोका जाए!
अधिकारों की रक्षा करो! हर चालक को सम्मानजनक जीवन जीने का हक है!
सुरक्षा सुनिश्चित करो! सड़कों पर चालकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है!
जागरूकता फैलाओ! इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाकर हर नागरिक को इस लड़ाई में शामिल करो!
यह आंदोलन एक बदलाव की बयार लेकर आएगा!
भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फोरम का यह दृढ़ संकल्प है कि ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को उनका हक और सम्मान दिलाकर ही रहेगा। वाराणसी से उठी यह आवाज अब क्रांति की मशाल बनकर पूरे देश को रोशन करेगी!
उन्होंने सभी चालकों से अपील करते हुए कहा कि आइए, इस महासंग्राम में शामिल हों और मिलकर अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें! अब चुप रहना अपराध है!