
जिला लखीमपुर खीरी विश्वसनीय सूत्र के हवाले से मिली खबर अगर नंदकिशोर आर्य के ऊपर जो लिखा गया फर्जी मुकदमा वापस नहीं हुआ तो हो सकता है बहुत बड़ा आंदोलन पत्रकार कर सकते हैं चक्का जाम कर सकते हैं डीएम का घिराव कर सकते हैं लखीमपुर में जाकर अगर भ्रष्टाचार का उजागर करना गलत है तो भारत में जितने भी पत्रकारिता कर रहे हैं और पेपर हैं सभी सभी को शासन प्रशासन द्वारा बंद कर दिया जाए इसलिए की जब पत्रकार नहीं होगा तो भ्रष्टाचार आराम से हो सकेगा मैं देख रहा हूं कि जब से कोई पत्रकार भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है उसे पर कोई ना कोई मुकदमा जरूर लिख दिया जाता है इसलिए आज पत्रकारिता धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रही है और कुछ कथित पत्रकार दलाली करना शुरू कर दिए हैं जिसकी वजह से पत्रकारों को दलाल भी कहा जा रहा है इसलिए समय रहते ही अगर जागरूकता आ गई तो ठीक नहीं तो आज नंदकिशोर आर्य पर मुकदमा लिखा है कल किसी और पर लिखा जाएगा आज भारत का दुर्भाग्य है कि स्कूल में जाने के लिए पत्रकार मैं पत्रकार को जाने के लिए पाबंदी कर दी गई है जिसकी वजह से चरम सीमा के ऊपर शिक्षा विभाग में भी भ्रष्टाचार चल रहा है आज लखनऊ मेडिकल कॉलेज हो चाहे जिला अस्पताल हो चाहे निघासन की हॉस्पिटल हो भ्रष्टाचार चरम सीमा से ऊपर चल रही है अगर समय रहते ही योगी सरकार ने अपने संज्ञान में नहीं लिया तो वह दिन दूर नहीं है भाजपा अपने घुटनों पर आकर बैठ जाएगी यह एक कड़वा सत्य है और यह एक सोचनीय विषय भी है