
सहारनपुर, खलासी लाईन स्थित उत्तर रेलवे पंचायती गुरूद्वारा में आज शहर के सभी गुरूद्वारों से निकाली जाने वाली प्रभातफेरियों का भव्य स्वागत हुआ।
प्रभात फेरियों के सांझे प्रोग्राम के दौरान बाला प्रीतम कीर्तन जत्था नई दिल्ली की बीबी परलीन कौर ने अमृतमयी कीर्तन से संगतों को निहाल किया। प्रातःकाल में प्रभातफेरी गुरूद्वारा श्री गुरूसिंघ सभा गुरूद्वारा रोड, प्रभातफेरी गुरूद्वारा भागमल जी देहरादून रोड, प्रभातफेरी गुरूद्वारा भाई जगता जी नवीन नगर, प्रभातफेरी पंजाबी गुरूद्वारा हकीकतनगर, प्रभातफेरी पंजाबी गुरूद्वारा गौशाला रोड, विभिन्न मार्गों से गुरू पर्व का संदेश व कीर्तन करती हुई गुरूद्वारा खलासी लाईन पधारी। उत्तर रेलवे पंचायती गुरूद्वारा खलासी लाईन की संगतों ने पुष्प वर्षा से प्रभातफेरियों का भव्य स्वागत किया। कीर्तन जत्था बीबी परलीन कौर ने कीर्तन के दौरान संगतों को गुरूनानक देव के जीवन की साखियां सुनाई। बीबी परलीन कौर ने कहा कि गुरूनानक देव जी ने अपने पूरे जीवनकाल में कभी किसी को कोई श्राप नहीं दिया, किसी को दण्ड नहीं दिया। बल्कि चारों दिशाओं की यात्राएं करके भूले भटकों को सही मार्ग दिखाने का कार्य किया। गुरूनानक देव जी ने पाखण्ड, अंधविश्वास, जात-पात,ऊंच-नीच से दुनियां के लोगों को मुक्त करने का संदेश दिया और कीरत करने का, नाम जपने का और वन्ड छकने का उपदेश दिया। उत्तर रेलवे पंचायती गुरूद्वारा के प्रबन्धकों द्वारा बीबी परलीन कौर के जत्थे को व सभी प्रभातफेरियों के जत्थेदारों को सरोपा भेंट किया तथा गुरूनानक देव जी के प्रकाश उत्सव की बधाईयां दी। संचालन कर रहे स्टेज सेक्रेटरी स.गोविन्दर सिंह ने बताया कि 27 नवम्बर 2023 को प्रकाश उत्सव से पहले यहां पर सांझे प्रोग्राम के दौरान शहर की सभी प्रभातफेरियों का भव्य स्वागत का आयोजन तथा गुरूमत समागम आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कल विश्व भर में गुरूनानक देव जी का प्रकाश उत्सव मनाया जायेगा और प्रकाश उत्सव को समर्पित धार्मिक आयोजन लगातार कई दिनों से चल रहे हैं, जिसको संगत जहां गुरबानी कीर्तन कथा विचारों से निहाल होकर गुरूघर की खुशियां प्राप्त कर रही है।
उत्तर रेलवे पंचायती गुरूद्वारे के मुख्य सेवादार स.साहब सिंह, मा0 सरदार सुच्चा सिंह, स.दवेन्दर सिंह चडढा, स.धनबीर सिंह मल्होत्रा एवं सरदार परमजीत सिंह ने सभी गुरूद्वारे की प्रभातफेरियों को सरोपे भेंट किये तथा संगतो का स्वागत करते हुए प्रकाश उत्सव की लख-लख बधाईयां दी।
अन्त में हैड ग्रन्थी ज्ञानी अमर सिंह ने दुनिया की चढ़ती कला की अरदास करते हुए समाप्ति की। संगतों ने गुरू का अटूट लंगर ग्रहण किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से स.दलबीर सिंह, स.शम्मी बेदी, स.हरपाल सिंह, सुरेन्दर सिंह वढेरा, स.संदीप सिंह, स.साहब सिंह, स.देवेन्दर सिंह, स.गोविन्दर सिंह, स.धनबीर सिंह, स.परमजीत सिंह आदि मौजूद रहे।