जलेसर में सुबह चार बजे ही शुरू हो जाता है काम

साल में 100 करोड़ का होता है कारोबार

एटा, । जलेसर में एक वर्ष में 100 करोड से अधिक का कारोबार होता है। प्रमुख रूप से बड़े कारोबारियों की संख्या 60 के आसपास है। जबकि इस काम से करीब सात हजार लोग जुड़े है। प्रमुख रुप से घुंघरू, घंटा, मजीरा, पूजा आरती, पैजनी, सिगमोर जैसे प्रमुख सामान है। कारोबारी आदित्य मित्तल ने बताया के वर्तन को छोड़कर सभी सामान पीतल सिर्फ जलेसर में ही बनता है।
जलेसर में सुबह चार बजे ही शुरू हो जाता है काम

सुबह चार बजते ही जलेसर की भट्ठियों में काम शुरू हो जाता है। भट्ठियों की आग के सामने बैठने वाले कारीगर पांच घंटे से अधिक कार्य नहीं करते। दो शिफ्टों में काम होता है। अधिकांश भट्ठियां कस्बे के लोगों ने अपने ही घरों में बना रखी हैं।

प्रधानमंत्री ने केदारनाथ में बजाया था जलेसर का घंटा

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ के मंदिर पहुंचे थे। इस मंदिर में जो घंटा बजाया था वह भी जलेसर का ही बना था। यह घंटा पूर्व पालिकाध्यक्ष विकास मित्तल की फैक्ट्री से बनकर गया था।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks