

( ग्राम प्रधान से लेकर असेबंली की सीटों तक फहरा रहे भाजपा का भगवा परचम )
***एटा ! ( राकेश कश्यप ) भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी के दमकते साफ सुथरे चेहरे एवं शासनिक दक्षता के बल पर वर्ष 2017 से जिले की चारों अंसेबली सीटों पर फहरा भाजपा का भगवा परचम हांलाकि 2022 के विधान सभा चुनावों मे भी कायम रहा है परन्तु अभी चार दिन पहले समपन्न हुऐ स्थानीय निकाय चुनावों में ( नगर निगम ) को छोडकर यदि हम नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतो की समीक्षा करें तो दो विधान सभा क्षेत्रों में भाजपा के सियासी हालात जहां कुछ हद तक डगमगा गऐ तो एटा सदर व अलीगंज विधान सभा पर क्षैत्रिय जमीनी राजनैतिक सियासत के दो अपराजेय धुरंधर महाबलियों की कूटनीति के चलते एक दो अपवाद को छोडकर विरोधी लोहा लेते लेते जमीन की धूल चाटते नजर आऐ हैं ! हम बात करें एटा सदर विधान सभा क्षेत्र की जो कभी पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मुलायम सिहं यादव का दूसरा घर एवं समाजवादी पार्टी का अभेद दुर्ग माना जाता था , तो यहां वर्ष 2017 व वर्ष 2022 में भाजपा के तेज तर्रार युवा विधायक विपिन वर्मा “डेविड” की चुनावी महा जंग सपा के कद्दावर उम्मीदवार जुगेन्द्र सिहं यादव पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत से हुई थी जिसमें बब्बर शेर की तरह दहाड मारकर विपिन वर्मा “डेविड” ने कडे परिश्रम के बल पर सपा को बुरी तरह पराजित करते हुऐ भाजपा का भगवा परचम फहराकर जमीनी राजनैतिक सियासत पर अपना वर्चस्व स्थापित कर पुन: वर्ष 2022 का दूसरा विधान सभा चुनाव भी ऐतिहासिक रूप से शानदार विजय दर्ज कराकर अपराजेय रहते हुऐ अपने अंसेबली क्षेत्र में ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक प्रमुख एवं स्थानीय निकाय चुनाव में भी जमीनी राजनैतिक सियासत के रसूख पर खरे उतरते हुऐ भाजपा के भगवा ध्वज को लहराकर धुरंधर राजनैतिक महाबली के रूप में विपक्ष को आईना दिखाकर अपने धुरविरोधियों को भी नंगा कर दिया है ! भाजपा के तेजतर्रार युवा विधायक की व्यवहारशाली मधुर कार्यशैली ने अत्यधिक पिछडे वर्ग के अन्दर एक नयी राजनैतिक चेतना का संचार किया है ! जिससे एटा सदर विधान सभा क्षेत्र चहुंओर से भगवामय नजर आ रहा है ! इसी प्रकार यदि हम जिले की सुदूरवर्ती सबसे पिछडी अंसेबली सीट अलीगंज का हाल जाने तो यहां भाजपा सरकार से पूर्व हालात बहुत खराब रहे है ! यहां के लोगों का मिजाज खुरखुरी मिट्टी की तरह रहा है ! सपा की सरकार में यहां के थाने सत्तानशीन नेताओं के दरबारों से संचालित हुआ करते थे , किस पर एफ.आई.आर. होनी है और किसको बन्द करना है किसको हवालात से छोडना है यह सब सत्ता के रसूख बाले तय किया करते थे ! पूर्व में जो भी सरकारें रहीं परन्तु यहां का विकास शून्य पर रहा ! परन्तु वर्ष 2017 के समपन्न हुऐ अंसेबली चुनाव में यहां भाजपा से उम्मीदवार बने ठा. सत्यपाल सिहं राठौर ने सपा के परमानेन्ट विधायक रामेश्वर सिहं यादव को परास्त कर इस अभेद दुर्ग को तहस नहस करते हुऐ भाजपा के भगवा ध्वज को फहराकर विकास का जो पहिया घुमाया है वह अभी तक थमने का नाम ही नहीं ले रहा है ! ठा. सत्यपाल सिहं राठौर जिले के एक मात्र ऐसे विधायक है जिनकी मुख्यमंत्री दरबार में सीधी पकड बतायी जाती है ! अंसेबली का दूसरा चुनाव 2022 में भी रिकार्ड मतों से जीतने वाले जमीनी राजनैतिक सियासत के धुरंधर महाबली ठा. सत्यपाल सिहं राठौर की मधुर कार्यदक्षता के चलते उनके अपने विधान सभा क्षेत्र में सभी वर्गों व जातियों का सानिध्य आशीर्वाद के रूप में मिलता चला आ रहा है ! यही बजह है कि असेबंली क्षेत्र में दो एक अपवाद को छोडकर चाहे ग्राम प्रधान का चुनाव हो अथवा ब्लॉक प्रमुख या अध्यक्ष नगर पालिका परिषद का ! जमीनी पकड के चलते सबके सब भगवामय होते चले जा रहे है ! अलीगंज विधान सभा क्षेत्र में पिछले छै वर्षो में यदि हम विकास की बात करें तो जो विकास पिछले साठ सालों में नहीं हो पाया है जो भाजपा विधायक ठा. सत्यपाल सिहं राठौर के नेत्रत्व में पिछले छै वर्षो में तेजी से हुआ है ! चाहे रोडवेज स्टेशन हो या ग्रामों के सम्पर्क मार्ग , जल की समस्या हो या स्वास्थ्य क्षेत्र की तथा निर्धन लोगों के लिऐ रहने को आवास की समस्या हो या छात्रों को शिक्षा की ! अधिकतर समस्याओं से अलीगंज की जनता ने निजात पायी है ! भाजपा सरकार में गुंडे माफियाओं को लगातार जेल की सलांखो में कैद कि़या जा रहा है ! बडे बडे गुन्डे भाजपा सरकार ने मिट्टी में मिला दिऐ हैं ! चहुंओर शांतिप्रिय माहौल है ! बहिन बेटियां सुरक्षित गांव से बाजार आकर खरीददारी करके वापस गांव चली जाती हैं ! भयमुक्त वातावरण के साथ रामराज्य जैसा महसूस किया जा रहा है !