धीरे-धीरे बोल कोई सुन ना लें

धीरे-धीरे बोल कोई सुन ना लें…

जी हाँ नगर पालिका एटा चुनाव के हालात इस समय यही हो चुके है।बीजेपी प्रत्याशी के हालात खस्ता होने से वोटर मन ही मन मेँ गुनगुना रहा है कि *धीरे-धीरे बोल कोई……..*

ब्राह्मण वोट ने जिले की बड़ी से बड़ी सियासत क़ो हिला दिया है। अगर एक दिन मेँ इस मुजजिस्मा क़ो बीजेपी के महारथियो ने ढहने से नहीं रोका तो राजनीति की बड़ी करवट होंगी जिसे देखकर जंगल के शेर भी भाग खड़े होंगे।
बीजेपी ने अपनी तेज खोपड़ी से प्रत्याशी का चयन तो कर लिया है लेकिन खेत मेँ खड़ा बीजूका से ज्यादा कुछ नहीं साबित हो रहा है। जिसे चलाने के लिए भी सहारे की जरुरत पड़ रही है।

दलित वोट ने कल मीरा गाँधी के पक्ष मेँ सड़क पर उतर कर साफ कर दिया है कि बसपा का कोर वोट मीरा गाँधी के साथ बूथ तक गिरेगा। वही मीरा गाँधी की रैली ने साफ यह भी कर दिया कि मुस्लिम प्रत्याशी होने के बाद भी मुस्लिम अभी भी मीरा गाँधी पर अटूट विश्वास करता है। ऐसे मेँ निर्दलीय प्रत्याशी मीरा गाँधी क़ो हराने के लिए बीजेपी क़ो इंद्र देव से छल कपट का वरदान लेकर आना ही होगा क्योंकि लोकतंत्र से तो हारने का सवाल ही मुश्किल से पैदा होगा।

बीजेपी प्रत्याशी सुधा गुप्ता और निर्दलीय प्रत्याशी मीरा गाँधी मेँ एक समानता है कि दोनों ही महिलाये साफ-स्वच्छ छवि की है।किन्तु दोनों के पति मेँ जनता ने बड़ा फर्क देखा है जो कि जीत हार का फैसला कर रहा है।

*विधायक विपिन कुमार वर्मा के कंधे पर *

बीजेपी के प्रत्याशी सुधा गुप्ता क़ो जीता कर लाने का जिम्मा सदर विधायक के कंधो पर डालना भी पार्टी का कदम घातक हो सकता है।क्योंकि बीजेपी का मत समावेशी होने की मूल वज़ह से भी प्रत्याशी सुधा गुप्ता क़ो दिक्कत आ रही है।बीजेपी ने अपने फैसले मेँ बदलाओ नहीं किया तो बूथ बाई बूथ बीजेपी क़ो अपना गिरता ग्राफ देखने क़ो मिलेगा। बीजेपी के लिए एक मुश्किल अत्यंत है कि मीरा गाँधी का वोटर किस गली और किस मोह्हले मेँ है। क्योंकि निर्दलीय होने व पिछले दस वर्ष से पालिका पर काबिज होने की वज़ह से पूर्व चेयरमेन राकेश गाँधी व मीरा गाँधी हर वर्ग के चहेते बने बैठे है।

*बीजेपी की मुश्किल *

बीजेपी के बड़े से बड़े नेता जनता क़ो यह बताने मेँ भी खुद क़ो साबित नहीं कर सके है कि बीजेपी क़ो वोट क्यों दिया जाये और निर्दलीय प्रत्याशी मीरा गाँधी क़ो वोट इस वज़ह से नहीं देना चाहिए।

*अगर ये करवट बदला तो हाय तोबा होंगी *

बीजेपी सुधा गुप्ता का वोट ऐसा कौन है जो खुद के खेमे मेँ नहीं कर रहा है। ऐसे मेँ नुकसान सिर्फ बीजेपी का ही हो रहा है।वही जहीर अहमद का मुस्लिम वोट कांग्रेस प्रत्याशी व मीरा गाँधी दोनों लें रहें है। ऐसे मेँ सपा प्रत्याशी जहीर अहमद के खजाने पर भी डकैती पड़ रही है।मीरा गाँधी के सजातीय वोट यादव वर्ग पर बीजेपी के mlc आशीष यादव पूरा जोर लगा रहें है लेकिन mlc क़ो मट्ठा पीने के सिवा कुछ हासिल नहीं हो रहा है। बसपा वोटर ने जहीर अहमद क़ो साफ मना कर दिया है? फिर सपा जहीर अहमद के लिए एक बार फिर से कही श्राप न बन जाये।

*परंतु…. किन्तु के बाद दो प्रत्याशियों ने अपने रुख बदल लिए और साँझा सरकार चलाने का मूड बना लिया तो बिहार की तरह एटा से बीजेपी विदा हो सकती है। जिले मेँ सपा जहीर अहमद व निर्दलीय प्रत्याशी मीरागाँधी ने पांच बर्ष साँझा सरकार चलाने का फैसला कर लिया तब फिर दोनों प्रत्याशी सत्ता मेँ होंगे। इतिहास इस बात का कई बार गवाह रहा है कि दो पार्टियों का एक दुश्मन है तो दो पार्टियां एक होकर सत्ता मेँ रही है और यही समझ और समय की मांग राजनीति क़ो रणनीति मेँ बदल देती है।*

☝️इस खेल क़ो पूरा करने मेँ ब्राह्मण रणनीतिकार भी काम कर रहें है अगर सही दिशा मेँ कदम उठे तब किंग मेकर ब्राह्मण ही होगा, क्षत्रिय वर्ग की चुप्पी भी पैनी तलवार की तरह मोहाने मेँ रखी है। सही समय पर वार का इंतजार किया जा रहा है।

गलतियां 

1-कमजोर प्रत्याशी
2-ब्राह्मण कोटे मेँ हाथ डालना
3-बसपा प्रत्याशी क़ो खड़ा करना, बैठाना।
4-नाराज ब्राह्मण बुद्धिजीवी वर्ग क़ो ना मानना
5-क्षत्रिय वर्ग क़ो चुनाव से दूर रखना
6-पूर्व चुनाव की कमियां सामने आना
7-निर्दलीय प्रत्याशी क़ो कमजोर आंकना

*इतिहास कहता है *

रावण और कंस दोनों ही महान थे योद्धा थे। पराक्रमी,अपराजित, श्रेष्ठ,योग्यता मेँ उत्तम,धर्म शास्त्रों का अखंड ज्ञान, प्रखंड तेज था। परंतु दोनों मेँ सिर्फ एक मात्र कमी थी कि दोनों ने अपनों की सुनी नहीं थी…… दोनों ने अगर किसी की सुनी तो गैरों की सुनी थी।

*रावण ने सुपड़खा की सुनी थी और कंस ने आकाश वानी……मृत्यु और पराजय दोनों मिली थी।*

*आखिरी पंच तक पहलवान नहीं गिरता है, देखते है किसका पहलवान गिरता है।*

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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