पूछा कि कौन सी बिरादरी से हो, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा,। शिवम चौहान और इनके पिता हृदेश चौहान गांव कुसाड़ी स्थित दूध की डेयरी पर काम करते हैं। जब वह घर जा रहे थे तो एक तस्कर पहले से खड़ा था और बाकी छिपे हुए थे। कुछ देर बाद सभी तस्कर बाहर निकल आए और दोनों पर हमला कर दिया। दोनों इतने घबरा गए और खुद ही रुपये निकालकर दे दिए। तस्करों के ज्यादातर शब्दों को समझ नहीं पा रहा था। आपस में एक-दूसरे का नाम नहीं लेने की बात कह रहे थे।
हाथ में धारदार हथियार और तमंचा लिए तस्करों ने शिवम को पकड़कर गला दबा दिया और पिटाई करते हुए पूछा कि कौन सी बिरादरी से है। शिवम को अंदाजा हो गया था कि सही जाति बताने पर हत्या भी कर सकते हैं। उसने खुद को वाल्मीकि जाति से बताया। इस पर उन्हें छोड़ दिया और घटना को अंजाम देने के बाद तस्कर चले भी गए।
पहुंचे हिंदूवादी, प्रधान पुत्र से किए सवाल
जानकारी मिलते हिंदूवादी एकत्रित हो गए थे। मौके पर पहुंचकर प्रधान पुत्र, एसएसपी, डीएम से वार्ता की। साथ ही जल्द खुलासा न होने पर संगठन ने धरना प्रदर्शन का एलान किया है। गांव लख्मीपुर में गोतस्करी की घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद गोरंक्षक के पदाधिकारी एमसी शर्मा, विकास चौधरी तथा जिला कार्यवाहक अध्यक्ष कुलदीप यादव मौके पर पहुंच गए। साथ ही राष्ट्रीय गोरक्षक सेना के जिलाध्यक्ष योगेंद्र कुमार, युवा जिलाध्यक्ष अमन चौहान, शिवांग गुप्ता भी मौके पर पहुंचे और घटना को लेकर रोष व्यक्त किया। योगेंद्र ने कहा कि जल्द ही खुलासा न होने पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। गोरक्षक पदाधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक गोशाला की सुरक्षा को लेकर गार्ड की मांग की गई थी। कोई भी सुनवाई नहीं हुई है।