काव्य संग्रह माटी की खुशबू का विमोचन संपन्न
एडि.एस.पी.कासगंज है रचनाकार
डॉ रघुनंदन ने किया है संपादन
सी.आर.पी.एफ.मुख्यालय में संपन्न हुआ विमोचन।

कासगंज 29 अप्रैल। जनपद कासगंज में अपर पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ जितेंद्र दुबे के काव्य संग्रह माटी की खुशबू का विमोचन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल मुख्यालय दिल्ली में संपन्न हुआ। सी.आर.पी.एफ. के अपर महानिदेशक अंशुमान सिंह ने काव्य संग्रह माटी की खुशबू का संपादन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता, जेल सुधारक डॉ प्रदीप रघुनंदन की उपस्थिति में इस काव्य संग्रह का विमोचन किया। काव्य संग्रह में कुल 65 रचनाएं हैं जो मानव हृदय की संवेदना, व्यथा, समसामयिक जीवन की चिंताओं और भारतीय संस्कृत की खुशबू से भरी पड़ी है।
काव्य संग्रह माटी की खुशबू का विमोचन करते हुए सी.आर.पी.एफ. के अपर महानिदेशक अनुमान यादव ने कहा कि कविता मानव हृदय की अनुभूतियों को प्रतिबिंबित करने का काम करती है। साहित्य समाज का दर्पण है जो मन स्थिति समाज में होती है वही लेखक की कलम के माध्यम से कविताओं में प्रस्फुटित होती है। कवि श्री जितेंद्र दुबे ने पुलिस सेवा में रहते हुए अपने हृदय की अनुभूतियों को सजीव रखा है यह अपने आप में एक विशिष्ट बात है l उन्होंने कहा कि श्री जितेंद्र दुबे की रचनाएं भारतीय संस्कृत की झांकियां प्रस्तुत करती हैं जिसमें भाई बहन का प्यार है तो पिता का कर्तव्य भी है माता की सीख है तो पत्नी का फर्ज भी है।
काव्य संग्रह माटी की खुशबू का संपादन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता, जेल सुधारक डॉ प्रदीप रघुनंदन ने कहा कि जितेंद्र दुबे ने अपनी कलम के माध्यम से भारतीय संस्कृत की देशीय भावनाओं को अपनी कविता मैं प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि जितेंद्र दुबे की रचनाएं हम सब की अंतर कथाएं हैं जो अभिव्यक्ति के धरातल पर बड़ी ही संवेदनशील मर्मस्पर्शी और सजीव हैं, ऐसे अनुभवों के अनेक चित्र इस काव्य संग्रह में साकार हुए हैं जो जीवन की मधुरता को बड़ी सूक्ष्मता और सनिकटता से अभिव्यक्त करते हैं। कुल मिलाकर काव्य संग्रह माटी की खुशबू जीवन की विभिन्न विविध पक्षों का शाश्वत, सहज एवं रचनात्मक संग्रह है।
इस अवसर पर पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा, अमित मिश्रा, मोहम्मद फुरकान,सौरभ शर्मा एडवोकेट, श्रीमती गीता मिश्रा, वीरभान सिंह परिहार सहित कई लोग उपस्थित थे।