गाय पालन करने वालों का भुगतान अब गो आश्रय पोर्टल के माध्यम , रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । जिले की गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों एवं मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गाय पालन करने वालों का भुगतान अब गो आश्रय पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से गोवंश पालन में भुगतान संबंधी पारदर्शिता आएगी।
शुक्रवार को सीवीओ डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि गोआश्रय स्थलों में मौजूद पशुओं की संख्या, उनके भरण पोषण के लिए आने वाले भूसा, चारा, रातव आदि को चित्र सहित गो आश्रय स्थल नामक ऑनलाइन पोर्टल पर हर महीने की 25 से 30 तारीख को अपलोड किया जाएगा।
इस कार्य को ब्लॉक स्तर पर बीडीओ, ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव, वेटनरी ऑफीसर एवं नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर ईओ अपलोड कराएंगें।
जिले की सभी गोशालाओं की रिपोर्ट पोर्टल पर प्राप्त होने के बाद सीडीओ और सीवीओ हर महीने की एक से तीन तारीख को निदेशालय भेजेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत सुपुर्द किए गए गोवंशों का ब्यौरा भी हर महीनें इस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। उसके बाद ही गो पालकों और गोशाला संचालकों को भुगतान किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से गोसंरक्षण में पारदर्शिता आएगी।
गोशाला के लिए उगाई 20 बीघा गेहूं की फसल को बेचा
एटा। शुक्रवार को वाहिदबीबीपुर ग्राम प्रधान हरिओम ने सीवीओ डॉ. अनिल कुमार सिंह से शिकायत की है कि ग्राम पंचायत नन्दपुर खोडरा स्थित चारागाह की 20 बीघा जमीन पर वाहिदबीबीपुर वृहद गो संरक्षण केंद्र के लिए गेहूं की फसल भोला ट्रेंडिंग कंपनी नामक फर्म के माध्यम से कराई गई। फर्म से इस अनुबंध पर चारागाह की जमीन में फसल कराई गई थी कि वह फसल पैदावार में आने आने वाले खर्च को निकालकर शेष फसल को गोशाला में देगा। फर्म मालिक जयपाल सिंह यादव पुत्र नेत्रपाल सिंह यादव ने रात में फसल कटवा कर बाजार में बेच दिया है। ग्राम प्रधान ने कई आरोप लगाए है। जयपाल सिंह ने बताया कि पानी ना मिलने के कारण फसल पैदा ही नहीं हुई। जो आरोप लगाए गए है वह झूठे और गलत है।