मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सरकारी जमीन का कुछ लोगों ने गलत प्रयोग किया है।
सर्वोदय आश्रम के नाम से 240 बीघा भूमि को हेर फेर कर बंजर घोषित की , रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । वर्ष 1939 में गलत तरीके से दर्ज हुई जमीन को सरकार में निहित किया गया है। इस समय यह जमीन करीब 240 बीघा है। इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है। एसडीएम सदर की ओर से की गई कार्रवाई से अन्य लोगों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
एसडीएम सदर शिव कुमार की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा है कि तहसीलदार से प्राप्त आख्या के क्रम में सर्वोदय आश्रम ट्रस्ट के प्रमुख रोहनलाल चतुर्वेदी के नाम वर्ष 1939 में 1189.28 एकड़ भूमि थी। वर्तमान में रोहनलाल चतुर्वेदी के वारिसान मनोज चतुर्वेदी के नाम 70.595 हेक्टेयर भूमि है। इसमें से काफी भूमि का विक्रय किया जा चुका है। इसके संबंध में जॉच के लिए डीएम की ओर से तीन सदस्यीय तीन सदस्यीय समिति गठित की गई। सर्वोदय आश्रम ट्रस्ट की भूमि की अभिलेखीय जॉच की गई। जांच में पाया गया कि भूमि सर्वोदय आश्रम एटा के नाम दर्ज है। फसली 1347 की स्थिति के अनुसार प्रश्नगत उक्त भूमि बंजर के खाते में अंकित है जबकि अभिलेखों में फसली 1359 में सर्वोदय आश्रम के नाम कोई खाता दर्ज नहीं है। उक्त भूमि बंजर की है। तहसीलदार की आख्या मौजा एटा देहात परगना एटा सकीट तहसील व जिला एटा स्थित भूमि पर अंकित सर्वोदय आश्रम का नाम निरस्त कर प्रश्नगत भूमि पूर्व की भॉति पुन बंजर के नाम दर्ज होने के लिए 22 मार्च 2023 को आदेश पारित किया गया है। यह जमीन विकास खंड शीतलपुर क्षेत्र के मौजा एटा देहात क्षेत्र में करीब 20 हेक्टेयर भूमि की बाजारू कीमत 25.68 करोड़ रुपये आंकी गई है।
24/03/2023
ट्रस्ट में गलत कर दी गई दर्ज , अब की जा रही जांच
एटा। बंजर की जमीन में जांच अधिकारी बनाए गए एडीएम वित्त एवं राजस्व आयुष चौधरी ने बताया कि देश के आजाद होने के बाद जमीदारी प्रथा समाप्त हो गई थी। यह नियम एक वर्ष बाद लागू किया गया था। इसी समय एक ट्रस्ट बनाया गया था। इसमें जमीन दे दी गई थी। ट्रस्ट के बाद समिति बनाई गई। ट्रस्ट का नियम है जो जमीन है वह वापस सरकार को जानी थी, लेकिन उसके बाद भी समिति को दे दी गई। अभी भी जांच की जा रही है।
जो जमीन है वह बंजर में दर्ज की गई है। जिन लोगों ने जमीन को खरीदा है उन लोगों पर भी नोटिस जारी किए जाएंगे। अभी जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट आने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सरकारी जमीन का कुछ लोगों ने गलत प्रयोग किया है।
- अंकित कुमार अग्रवाल, डीएम एटा