ऑक्सीजन देने वाले प्लांट को सांस की जरूरत, रिपोर्ट योगेश मुदगल

कासगंज, । कोरोना काल में अस्पतालों में संसाधन बढ़ाए जाने के लिए शासन ने लाखों रुपये के संसाधन जुटाकर दिये, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने उनकी कद्र करना ही मुनासिब नहीं समझा। गंजडुंडवारा में ऑक्सीजन की व्यवस्था मजबूत करने के लिए लाखों रुपये खर्च कर ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराया। कुछ समय बाद सर्विस के अभाव में प्लांट बंद हो गया। अब सर्विस का इंतजार किया जा रहा है।
गंजडुंडवारा में करीब 20 लाख रुपये की लागत से ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। जिससे अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को आक्सीजन की हर समय उपलब्ध मिले। स्थापित होने के बाद से प्लांट उपयोग ही नहीं किया गया। शुरूआत में चलने के बाद फिर खराब हुआ। बाद में सर्विस की जरूरत पड़ी। सीएमओ अवध किशोर प्रसाद का कहना है कि, ऑक्सीजन प्लांट की सर्विस के लिए शासन ने कंपनी नामित कर दी है, इसके लिए प्रक्रिया चल रही है, जल्द ही कंपनी सर्विस कर प्लांट चालू करेगी। अस्पतालों में भेजे कंसनेट्रेटर के आंकड़ेजहां ऑक्सीजन प्लांट नहीं लगा था, उनके लिए ऑक्सीजन के लिए 395 कंसनेट्रेटरों का प्रबंध किया गया।
ये हैं कंसनट्रेटरों के आंकड़े
● 67 कंसनेट्रेटर कासगंज सीएचसी पर।
● 29 कंसनेट्रेटर सिढ़पुरा सीएचसी पर।
● 29 कंसनेट्रेटर अमांपुर सीएचसी पर।
● 41 कंसनेट्रेटर पटियाली सीएचसी पर।
● 41 कंसनेट्रेटर कासगंज सीएचसी पर।
● 64 कंसनेट्रेटर गंजडुंडवारा सीएचसी पर।
● 62 कंसनेट्रेटर सहावर सीएचसी पर।
● 62 कंसनेट्रेटर सोरों सीएचसी पर।
मॉक ड्रिल में भी बंद पड़ा था प्लांट
कोरोना वायरस से बचाव को व्यवस्थाओं को परखने के लिए मॉकड्रिल की गई। इस दौरान भी अधिकारियों को ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़ा मिला। इसकी रिपोर्ट मंडलीय अधिकारियों के लिए भी सीएमओ की ओर से भेजी गई।
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