इन्फ्लुएंजा की रोकथाम को मिलेगा समुचित उपचार, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । सर्दी, खांसी, बुखार के बढ़ते रोगी इन्फ्लुएंजा संक्रमण के खतरे को दर्शा रहे है। उसको लेकर शासन से जारी की गई गाइडलाइन का अनुपालन कराने को स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। गाइडलाइन के अनुसार जिले में इन्फ्लुएंजा वायरस संक्रमण की रोकथाम को प्रयास तेज किये जायेंगे।
सीएमओ डा. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इन्फ्लुएंजा वायरस संक्रमण की रोकथाम को शासन ने गाइडलाइन जारी की है। यह एक मौसमी बीमारी है। मौसम परिवर्तन के साथ-साथ व्यक्तिगत स्वच्छता पर कम ध्यान दिये जाने, अन्य लोगों के निकट संपर्क, बिना उचित सुरक्षा के खांसने, छीकने, बंद स्थानों पर होने वाली बैठकों, समारोह के कारण इन्फ्लुएंजा वायरस संक्रमण होता है। इन्फ्लुएंजा समूह के अधिकांश वायरस हल्की-फुल्की तथा स्वत नियंत्रित हो जाते हैं। जिनमें बुखार, खांसी के लक्षण पाये जाते हैं।
यह विशेषकर वृद्ध, अत्यधिक मोटे, डायविटीज, हृदयरोग, किडनी रोग, गर्भवती महिलाओं में रोग के लक्षण गंभीर हो सकते हैं। जिससे ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है।
इसकी रोकथाम के लिए सरकारी, प्राइवेट अस्पताल में प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। उसके लिए चिकित्सक, आशा, एएनएम, सीएचओ केन्द्रों पर आने वाले मरीजों, तीमारदारों को इसके बारे में जानकारी देगे।
साथ ही खांसी, बुखार के मरीजों को समुचित उपचार दिया जाएगा। जनपदीय सर्विलांस इकाईयों को मरीजों की निगरानी को सक्रिय किया जाएगा। चिकित्सालय, सीएचसी, पीएचसी पर पर्याप्त दवाएं, चिकित्सक, स्टाफ, ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाएगी।