
सैंपल फेल हो रहे हैं। बावजूद इसके कार्रवाई होने में देरी हो रही है
एटा – सहायक आयुक्त खाद्य-2 डॉ. श्वेता सैनी ने बताया कि वर्ष 2022 में उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ 183 सैंपल जांच को लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजे गए। उसमें से 134 सैंपल की जांच रिपोर्ट फेल आई है।
फेल हुए सैंपल में अधिकांश मिलावटी दूध और दुग्ध उत्पादों से संबंधित हैं। इसके अलावा नमकीन, सरसों का तेल, पनीर, मिठाई, ब्रेकरी से संबंधित रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन सैंपल की रिपोर्ट प्रयोगशाला से फेल आई है। उसमें से 81 पर एडीएम कोर्ट और एसीजेएम कोर्ट में 18 वाद दायर कराए। कोर्ट में चले रहे वादों में 59 मामलों में निर्णय हुआ है। निर्णय में खाद्य कारोबारियों पर 13 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सहायक आयुक्त खाद्य-2 ने बताया कि वर्ष 2023 जनवरी, फरवरी, मार्च में लगभग 50 सैंपल लिए गए हैं। इसमें 27 सैंपल मिलावटी दूध के रहे है। इसके अलावा 27 सैंपल होली अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के लिए हैं। इस तीन महीनों में 17 वादों में निर्णय हुआ है, जिसमें संबंधित खाद्य कारोबारियों पर लगभग दो लाख 40 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। मिलावटखोरों पर कार्रवाई को एडीएम-एसीजेएम कोर्ट में चलते वाद
एटा, खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की छापामार कार्रवाई के लिये गये सैंपल फेल होने के बाद एडीएम और एसीजेएम कोर्ट में कार्रवाई को वाद दायर किये जाते हैं। जहां से निर्णय होने के बाद मिलावटखोरों पर सिर्फ जुर्माना लगाने की कार्रवाई होती है। आर्थिक दंड को लेकर मिलावटखोरों पर कुछ खास असर दिखाई नहीं दे रहा है। वह दिन-प्रतिदिन मिलावट करने के नए-नए प्रयोग कर रहे हैं।
मार्च में खाद्य सुरक्षा विभाग कारोबारियों को देगा प्रशिक्षण
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके त्रिपाठी ने बताया कि गुणवत्ता पूर्ण खाद्य पदार्थ और हाईजीन को लेकर मार्च में 60 खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण देने के लिए खाद्य व्यापारियों के 30-30 के बैच बनाये जाएंगे। जिनके लिए लखनऊ से आने वाले प्रशिक्षक गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ बेचने के बारे में जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व में इस प्रशिक्षण का शुल्क व्यापारियों, कारोबारियों से लिया जाता था। इस बार उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षण पर होने वाला व्यय स्वयं करने का निर्णय लिया है।