
कई वर्षों से काफी पत्रकार बंधुओं एवं सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार एवं सामाजिक संगठनों ने यह आस लगाया हुआ था कि देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के बजट 2023 के दौरान पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को बड़ा तोहफा मिलेगा लेकिन पत्रकारों का यह सपना मुंगेरीलाल के हसीन सपने के समान बनकर रह गया।
किसी प्रकार का मीडिया निधि की घोषणाएं न होना उनके लिए बजट का आवंटन न होना स्वतंत्र पत्रकारिता एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं समाज सेविकाओं के मनोबल को तोड़ने के समान है।
हम सभी उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हैं की पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के स्वालंबन को ध्यान में रखते हुए निधि की घोषणा की जाएं।
मोहम्मद आसिफ अंसारी
राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय मीडिया फाउंडेशन