मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर तीस छात्र किए थे सस्पेंड
*निलंबल वापस न करने पर छात्रों ने किया हंगामा, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा।रैगिंग की तो मैं नहीं जानता कि हुई या नहीं। अनुशासन हीनता से मतलब है। आज जलेसर एसडीएम आए थे वह जांच कर गए है। अभी बहाल करने के लिए कह दिया है। वैसे भी हमने कोई ऐसा एक्शन नहीं लिया।
डा. नवनीत सिंह चौहान, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
एटा, कार्यालय संवाददाता। जूनियर छात्रों से रैगिंग और अभद्रता करने पर वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के दूसरे वर्ष के 30 छात्रों सस्पेंड कर दिया। प्राचार्य ने जांच आख्या पूरी होने तक सभी छात्रों को निष्कासित रहने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को महाविद्यालय की ओर से छात्रों को बहाल न करने साथी छात्रों ने हंगामा कर दिया।
एटा के मेडिकल कॉलेज में प्रथम बैच के शिक्षण का कार्य चल रहा है। दूसरे बैच के बच्चे एक माह पहले ही महाविद्यालय में आए थे। आरोप है कि तीन दिन पहले सीनियर छात्रों ने एक जूनियर के साथ रैंगिग कर दी गई। परेशान हुए छात्र ने अपने परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने एटा पहुंचकर प्राचार्य से इस मामले की शिकायत कर दी। एक दिसंबर को प्राचार्य की ओर से सीनियर 30 छात्रों को सस्पेंड कर दिया। सस्पेंड करने का आर्डर मेडिकल कॉलेज के परिसर की दीवारों पर चस्पा करा दिया गया। चस्पा किए गए नोटिस पर लिखा है कि छात्रावास में रैंगिंग करने नियमों का उल्लघंन करने, अनुसासनात्मक कृत्य में लिप्त पाया गया है। इनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए महाविद्यालय प्रशासन ने छात्रावास से तत्काल निष्काशित तथा कॉलेज की सभी गतिविधियों में सस्पेंड करने का निर्णय लिया है। कृत्य की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। जांच आख्या प्राप्त होने तक छात्र निष्कासित रहेंगे। इस की जानकारी मिलने पर छात्रों में डर बैठ गया। छात्रों में मैसेज चला गया कि ये छात्र अभी परीक्षा में नहीं बैठ सकेंगे। छात्रों ने शनिवार की रात्रि को चार घंटे तक प्रदर्शन किया। छात्रों को बहाल करने का आश्वासन दिया है। हंगामा की जांच करने के लिए एसडीएम जांच करने के लिए मेडिकल कॉलेज में पहुंचे थे। एसडीएम अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि दोनों पक्षों में विवाद था उसे सुलझा दिया गया है।