मेरठ में हुए राशन घोटाले में मंगलवार को एसआईटी ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि मेरठ में पात्र व्यक्तियों के आधार कार्ड से फर्जीवाड़ा करके 25000 से ज्यादा लोगों का राशन निकाला गया है। मंगलवार को एसपी क्राइम राम अर्ज के निर्देशन पर क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई की।केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में भ्रष्टाचार और खाद्यान्न चोरी रोकने के लिए इसे ‘आधार’ से जोड़ा था। लेकिन पूर्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से दुकानदारों ने इसमें भी सेंध लगाकर कालाबाजारी शुरू कर दी। पीडीएस में ‘आधार’ के दुरुपयोग कर राशन की कालाबाजारी को लेकर मेरठ में कुल 84 एफआईआर दर्ज हुए हैं।मंगलवार को गिरफ्तार हुए आरोपियों में जुल्फिकार निवासी जाकिर कालोनी और सादिक आलम निवासी रशीद नगर हैं। पूछताछ में पता चला कि जुल्फिकार जिला पूर्ति कार्यालय में जिला पूर्ति निरीक्षक के लिए काम करता था। जबकि सादिक के पिता की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान थी, जिसे पूर्व में ही निलंबित किया जा चुका था।
जुल्फिकार ने शाहनवाज निवासी जाकिर कालोनी कम्प्यूटर आपरेटर ( पूर्व से ही गिरफ्तार ) की सहमति और सहयोग से पूर्ति निरीक्षक की आईडी और पासवर्ड ले लिया और आधार नम्बर को बदलकर पूर्ति विभाग के अधिकारियो / कर्मचारियों को भी अपने साथ मिला लिया। इसके बाद इन लोगों ने राशन डीलर से ई – पॉस मशीन प्राप्त करके उस पर बायोमैट्रिक चिन्ह अगूठा लगाकर वैध व्यक्ति का राशन निकाल लिया। इन लोगों ने करीब 25000 से अधिक लोगों का राशन फ़र्ज़ी तरीके से निकाला है। एसपी क्राइम ने बताया कि जल्द ही आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
