बैटरी से बिजली स्टोर करने वाला पहला राज्य बना UP, सस्ती बिजली के लिए लगेगा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम लगाएगा, महंगी बिजली खरीद से मिलेगी राहत

उत्तर प्रदेश के 3 करोड़ उपभोक्ताओं को महंगी बिजली न खरीदनी पड़े. इसके लिए पावर कॉर्पोरेशन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम लगाने जा रहा है. इसकी शुरूआत भी कर दी गई है. इसमें बिजली की जब डिमांड बढ़ेगी तो स्टोर की गई बिजली कस्टमर को दी जाएगी. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग की तरफ से इसको लेकर अनुमति दे दी गई है. पहले फेज में पांच सब स्टेशन पर बिजली को स्टोर किया जाएगा. इसमें 10 मेगावाट के बैटरी एनर्जी स्टोरेड सिस्टम लगाए जाएंगे. देश में इस तरह बिजली स्टोर करने के मामले में यूपी पहला राज्य है.
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि इस फैसले के बाद यूपी को महंगी बिजली नहीं खरीदनी पड़ेगी. अभी तक कई बार एनर्जी एक्सचेंज पर 12 से 17 रुपए यूनिट तक बिजली खरीदी गई है. हालांकि उसके बाद महंगी बिजली खरीद पर रोक लगा दिया गया था लेकिन उसकी वजह से जून और जुलाई के महीने में बिजली कटौती बढ़ गई थी. स्थिति यह थी कि कागजों पर 4 से 6 घंटे के लिए बिजली कट रही थी.
एनर्जी एक्सचेंज पर कई बार 3 से 5 रुपए यूनिट भी बिजली मिलती है. उस समय बिजली खरीद कर नए व्यवस्था में उसको स्टोर कर लिया जाएगा. उसके बाद जरूरत पर जब डिमांड बढ़ेगी तो उसका इस्तेमाल किया जा सकता है. सबसे ज्यादा बिजली की डिमांड जून से सितंबर के बीच में होता है. बिजली खरीद पर कम रकम खर्च होने से पावर कॉरपोरेशन का खर्च कम होगा जिसका असर बिजली दरों पर भी दिखेगा.
जानकारों का कहना है कि इस व्यवस्था में इन्वर्टर की तरह सिस्टम काम करता है. जैसे घर में बैटरी चार्ज कर इन्वर्टर के माध्यम से बिजली की सप्लाई होती है. ऐसे में इसमें बैटरी में बिजली स्टोर की बड़े इंवर्टर से उपकेंद्र को बिजली दी जाएगी. वह बिजली भी एलटी लाइन से उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी.