जमानत याचिका न्यायिक मजिस्ट्रेट एटा द्वारा खारिज कर दी

एटा।जान से मारने के इरादे से नाजायज तमंचे से फायर करने के दो आरोपीयों की जमानत याचिका आज न्यायिक मजिस्ट्रेट एटा द्वारा खारिज कर दी गई। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के पश्चात न्यायालय द्वारा अभियुक्त आशू यादव व रोहित यादव द्वारा अलग अलग प्रस्तुत की गई जमानत याचिकाए निरस्त कर दी गई।
ज्ञात हो विगत दिनों ग्राम फफोतू के रहने वाले अंकुल जैन पर गांव चुरैथा निवासी आशू यादव ने अपने अन्य साथियों की मदद से जान से मारने के लिए नाजायज तमंचे से फायर कर दिया था। अचानक हुए हमले से अंकुल जैन बाल-बाल बच गया। मामले की प्रथम सूचना रिपोर्ट पीड़ित द्वारा थाना रिजोर पर आशू यादव व रोहित यादव और राजेंद्र यादव एवं अन्य साथियों के विरुद्ध दर्ज कराई गई थी। इसी मामले में नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु थाना रिजोर द्वारा क्षेत्र में लगातार दविशे दी जा रही है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामजद अभियुक्त आशू यादव द्वारा पूर्व में एक अग्रिम जमानत याचिका प्रस्तुत की गई थी। जिस पर विचारण उपरांत अप्पर जनपद न्यायाधीश कक्ष संख्या 1 एटा के द्वारा अभियुक्त आशू यादव की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी गई थी। जिसके पश्चात अपनी गिरफ्तारी से बचने एवं पुलिस को गुमराह करने हेतु उसने न्यायिक मजिस्ट्रेट एटा के समक्ष एक प्रार्थना पत्र जमानत व आत्मसमर्पण हेतु प्रस्तुत किया था किंतु मामले में विचारण हेतु कई तारीख है नियत होने के पश्चात भी अभियुक्त आशू यादव न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ अतः न्यायिक मजिस्ट्रेट एटा सिद्धार्थ बरगोटी द्वारा अभियुक्त आशू यादव द्वारा प्रस्तुत किया गया प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया गया। वही इस मामले के दूसरे नामजद अभियुक्त रोहित यादव के द्वारा भी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया। जिस पर विचारण उपरांत न्यायालय द्वारा अभियुक्त रोहित यादव द्वारा प्रस्तुत किया गया जमानत आवेदन निरस्त कर दिया गया। अभियुक्त रोहित यादव पहले से ही उक्त मामले में जिला कारागार में निरुद्ध है।उक्त मामले के वादी एवं पीड़ित अंकुल जैन की ओर से अभियुक्त रोहित यादव की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि रोहित इस घटना का नामजद अभियुक्त है यदि उसकी जमानत याचिका मंजूर की गई तो मामले में निष्पक्ष विवेचना संभव नहीं हो सकेगी वह अवश्य ही गवाहों एवं वादी की जान माल के लिए खतरा बन जाएगा। वादी एवं पीड़ित अंकुल जैन की ओर से नितिन चंद्रेश शर्मा एडवोकेट उपस्थित रहे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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