सत्य धर्म की प्राप्ति से ही होती है धार्मिकता: आर्यका विद्यांतश्री माता

सत्य धर्म की प्राप्ति से ही होती है धार्मिकता: आर्यका विद्यांतश्री माता

एटा। पर्यूषण पर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म का पूजन किया गया। नवम तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत का मोक्ष कल्याणक मनाया गया। इस दौरान भगवान की पूजा-आरती कर निर्वाण लाडू चढ़ाया गया।

पुरानी बस्ती स्थित बड़े जैन मंदिर में रविवार सुबह जिनधर्म प्रभाविका आर्यिका विद्यांतश्री माता ने शुभप्रभात स्त्रोत, एकीभाव स्त्रोत, आचार्य वंदना एवं रत्नखंड श्रावकाचार ग्रंथ के वाचन के साथ दिन का प्रारंभ कराया। उसके बाद भगवान पुष्पदंत का अभिषेक, शांतिधारा पूजन किया गया। माताजी के सानिध्य में पुष्पदंत भगवान का निर्वाण लाडू चढ़ाया गया।

माताजी ने कहा कि हमें अपने जीवन में उत्तम सत्य धर्म से यह प्रेरणा लेनी चाहिए कि हम सत्य के साथ ही कभी दूसरों के दिल दुखाने वाले वचन न बोलें। दोपहर में तत्वार्थ सूत्र ग्रंथ का वाचन, संध्या में श्रावक प्रतिक्रमण, गुरु भक्ति, भगवान की आरती की गई। उसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऋतु जैन, टिया जैन, शुचि जैन, दीपांशी जैन, रीना जैन, खुशी जैन, प्रियल जैन, शुभी जैन, संजय जैन, मोना जैन मौजूद रहे।
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र नसियाजी में श्रीजी की मंगल आरती के बाद प्रतिक्रमण के दौरान विनीता जैन के संयोजन में धर्म अंत्याक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें पांच राउंड अक्षरधाम, अंतरा मुखड़ा, पिक्चर, एक्शन और अंत में पेंटर बाबू राउंडों के माध्यम से आशू जैन ने ज्ञानार्जन कराया। कार्यक्रम के मध्य में भजनों की प्रस्तुतियां एवं भक्ति नृत्य भक्तों द्वारा दिए गए। प्रथम स्थान शिखर ने हासिल किया। रजनी जैन ने पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका सुनील जैन बांदा ने निभाई।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks