
एटा।जान से मारने के इरादे से नाजायज तमंचे से फायर करने के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका आज जिला एवं सत्र न्यायालय एटा द्वारा खारिज कर दी गई। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के पश्चात न्यायालय द्वारा अभियुक्त आशू यादव द्वारा प्रस्तुत की गई अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी गई।
प्रथम सूचना रिपोर्ट के अनुसार ग्राम फफोतू के रहने वाले अंकुल जैन पर गांव चुरैथा निवासी आशू यादव ने अपने अन्य साथियों की मदद से जान से मारने के लिए अंकुल जैन पर नाजायज तमंचे से फायर किया था। अचानक हुए हमले से अंकुल जैन बाल-बाल बच गया। मामले की प्रथम सूचना रिपोर्ट पीड़ित द्वारा थाना रिजोर पर आशू यादव व राजेंद्र यादव एवं उसके अन्य साथियों के विरुद्ध दर्ज कराई गई थी। इसी मामले में नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु थाना रिजोर द्वारा क्षेत्र में लगातार दविशे दी जा रही है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामजद अभियुक्त आशू यादव द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एटा के संदीप जैन के समक्ष एक अग्रिम जमानत याचिका एडवोकेट सुमित कुमार सिंह के द्वारा प्रस्तुत की गई थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एटा संदीप जैन के कानपुर स्थानांतरण हो जाने के कारण अपर जनपद न्यायाधीश कक्ष संख्या 1 के समक्ष उक्त अग्रिम जमानत याचिका प्रस्तुत हुई तथा अपर जिला जज कक्ष संख्या 1 एटा के द्वारा दोनों पक्षों के तर्को को सुनने के पश्चात आशू यादव की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी गई। उक्त मामले के वादी एवं पीड़ित अंकुश जैन की ओर से आशू यादव की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करने हेतु एडवोकेट नितिन चंद्रेश शर्मा उपस्थित हुए जिन्होंने आशू यादव की अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आशू यादव इस घटना का मुख्य अभियुक्त है आशू यादव ने ही बादी अंकुल जैन पर जान से मारने हेतु नाजायज तमंचे से फायर किया था। यदि उसकी अग्रिम जमानत याचिका मंजूर की गई तो मामले में निष्पक्ष विवेचना संभव नहीं हो सकेगी वह अवश्य ही गवाहों एवं वादी की जान माल के लिए खतरा बन जाएगा। राज्य की ओर से डीजीसी रेशपाल सिंह राठौर तथा वादी एवं पीड़ित अंकुर जैन की ओर से नितिन चंद्रेश शर्मा एडवोकेट उपस्थित रहे।