*चार महीने में ना तो विवेचना हुई, ना ही मिले दरगाह कमेटी के आरोपी, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा – चार माह पहले जलेसर में दरगाह कमेटी पूर्व पदाधिकारियों पर दर्ज हुए मुकदमें अभी तक कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। हां इतना जरूर हुआ है कि इसमें तीन विवेचक बदल गए। जांच प्रक्रिया जस की तस बताई जा रही है।
10 अप्रैल जलेसर देहात के प्रधान शैलेंद्र सिंह राजपूत की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था कि 83 से 99 करोड़ रुपये तक दरगाह कमेटी के पूर्व पदाधिकारियों ने गबन कर लिया है। मोहम्मद अकबर, मोहम्मद जफर, मोहम्मद सोलेह, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद जुबैर, मोहम्मद शहबार, रहीस मोहम्मद, अफसर अली और अच्छन खां के लिखाफ मुकदमा पंजीकृत हुआ था। चार महीने से अधिक का समय बीतने के बाद भी ना तो अभी विवेचना पूरी हुई ना ही कोई आरोपी पुलिस के हाथ लगा। आरोपी पक्ष मुकदमें से बचने के लिए लगातार पैरवी कर रहा है। जिला जज न्यायालय में अरेस्ट स्टे के लिए आवेदन किया था। यहां से भी राहत नहीं मिल सकी थी। विवेचना तीन स्थानों पर बदली जा चुकी है। अब क्राइक ब्रांच के सुपुर्द की गई है।
जलेसर में दर्ज हुए मामले की अभी विवेचना क्राइक ब्रांच की ओर से की जा रही है। विवेचना पूरी होने के बाद भी कुछ कहा जा सकता है।
उदयशंकर सिंह, एसएसपी एटा