मायावती ने ट्विटर पर लिखा कि अभी हाल ही में 15 जून को लद्दाख में चीनी सेना के साथ हुए संघर्ष में कर्नल सहित 20 सैनिकों की मौत से पूरा देश काफी दुःखी, चिन्तित व आक्रोशित है. इसके निदान हेतु सरकार व विपक्ष दोनों को पूरी परिपक्वता व एकजुटता के साथ काम करना है जो देश-दुनिया को दिखे व प्रभावी सिद्ध हो.
पूर्व सीएम ने लिखा कि ऐसे कठिन व चुनौती भरे समय में भारत सरकार की अगली कार्रवाई के सम्बंध में लोगों व विशषज्ञों की राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन मूल रूप से यह सरकार पर छोड़ देना बेहतर है कि वह देशहित व सीमा की रक्षा हर हाल में करे, जो कि हर सरकार का दायित्व भी है.
2. ऐसे कठिन व चुनौती भरे समय में भारत सरकार की अगली कार्रवाई के सम्बंध में लोगों व विशषज्ञों की राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन मूल रूप से यह सरकार पर छोड़ देना बेहतर है कि वह देशहित व सीमा की रक्षा हर हाल में करे, जो कि हर सरकार का दायित्व भी है। 2/2
आपको बता दें कि मायावती का ये बयान उस वक्त आया है, जब कांग्रेस इस मसले पर सरकार पर पूरी तरह से हमलावर है. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी सोमवार को ही एक बयान जारी कर सरकार को घेरा, जिसके बाद राहुल गांधी समेत पूरी कांग्रेस पार्टी सरकार पर आक्रामक है.
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने मनमोहन सिंह के बयान पर पलटवार किया है, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर कई केंद्रीय मंत्री मनमोहन सिंह के बयान को गलत बता रहे हैं. जेपी नड्डा का कहना है कि यूपीए काल के दौरान चीनी सैनिकों ने कई बार घुसपैठ की और तबकी सरकार ने कुछ नहीं किया.
इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच भारत और चीन के बॉर्डर पर तनाव बरकरार है. लद्दाख में पैंगोंग घाटी के पास सोमवार को फिर भारत और चीन की सेना के बीच बात हो रही है.
