प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत 15 अगस्त तक करें ऑनलाइन आवेदन, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा ।मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य पालक विकास अभिकरण ने यह जानकारी देते हुये बताया है कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत परियोजना (1) निजी भूमि पर तालाब निर्माण एवं निवेश हेतु 6.0 हैक्टेयर, (2) बायोफ्लॉक निर्माण हेतु 04 यूनिट, (3) रियरिंग यूनिट निर्माण हेतु 4.600 हैक्टेयर, (4) 06 टैंक क्षमता मध्याकार रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम/बायोफ्लॉक निर्माण हेतु 01 यूनिट,(5) 100 क्यूबिक मीटर क्षमता लघु रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम/बायोफ्लॉक निर्माण हेतु 20 यूनिट,(6) बैकयार्ड रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम निर्माण हेतु 60 यूनिट, (7)मोटर साइकिल विद आइसबॉक्स क्रय हेतु 26 यूनिट, (8) साइकिल विद आइसबॉक्स क्रय हेतु 24 यूनिट, (9) थ्री-व्हीलर विद आइसबॉक्स क्रय हेतु 1 यूनिट, (10) जिन्दा मछली विक्रय केन्द्र हेतु 5 यूनिट, (11) कियॉस्क निर्माण हेतु 08 यूनिट, का लक्ष्य जनपद एटा को आवंटित किया गया है, जिस हेतु ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किये जाते है।
उन्होनें कहा कि इच्छुक व्यक्ति जो लाभार्थी अंश लगाने में सक्षम एवं सहमत हों, प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत आवेदन करने हेतु विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन दिनांक 15 अगस्त 2022 तक कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने हेतु फोटो, आधार कार्ड की छायाप्रति, बैंक पासबुक की छायाप्रति, भूमि संबंधित अभिलेख, रु0 100/- के स्टाम्प पर नोटरी शपथ पत्र, मत्स्य समृद्धि फार्म, जाति प्रमाण पत्र, हस्ताक्षर, ड्राइविंग लाइसेन्स आदि नियमानुसार अपलोड करना होगा। लाभार्थियों का चयन प्रथम आवत प्रथम पावक के सिद्धान्त के आधार पर निर्धारित लक्ष्य की सीमा तक किया जायेगा। जिन परियोजनाओं हेतु लक्ष्य निर्धारित नहीं है, उन परियोजनाओं में प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जायेगा। प्रधानमंत्री यक्ष लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तथा सामान्य एवं अन्य पिछड़ी जातियों को 40 प्रतिशत अनुदान देय है। अनुदान के अतिरिक्त शेष धनराशि लाभार्थी अंश है जिसे लाभार्थी द्वारा स्वयं के संसाधन अथवा बैंक ऋण के माध्यम से व्यय किया जायेगा। सभी परियोजनाओं में अनुदान बैकइन्डेड है। परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी विकास भवन, एटा स्थित मत्स्य विभाग के कार्यालय एवं विभागीय वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।