
ये चित्र आप देख रहे हैं ये एक ऐसे रेडियो श्रोता का है जिन्हें हम अपनी भाषा में एक अद्भुत श्रोता कह सकते हैं. इन्होने रेडियो के माध्यम से अपना ज्ञान बढा़-बढा़ कर मथुरा के बलदेवपुरी स्थित हनुमान मंदिर कालोनी के आचार्य साधक और पुजारी का पद प्राप्त कर लिया है .
इन सज्जन का नाम है मुकेश चंद शर्मा. आज ये साधु वेशधारी हैं.
एक युग था जब ये युवा थे . रेडियो के सक्रिय श्रोता थे. आकाशवाणी जैसे प्रामाणिक संस्थान के ये परम भक्त थे .
साथ ही उस युग में श्री मुकेश जी ! बीबीसी.लंदन. वायस आफ अमेरिका. रेडियो डोयेचेविले जर्मनी, चाइना इंटरनेशनल आदि
भी सुना करते थे.
इनकी साइकिल के हैण्डिल पर रेडियो बड़े ही करीने से फिट था. इन्होंने इस तरह अपने आप फिट किया था कि पानी बरसता रहे पर रेडियो बिल्कुल ना भीगे पूरी तरह सुरक्षित रहे., तब ये क्लीन सेव रहा करते थे. पंडिताई तो करते ही थे. साथ ही साथ प्रात:काल में अखबार वितरण करना ,इनके व्यवसाय में शामिल था.
जब ये सबेरे-सबेरे अखबार बांटने निकलते पूरी आवाज़ में रेडियो खोल कर अपनी साइकिल लेकर निकलते थे. प्रात: पांचबजकर 55 मिनट से लेकर वंदना, चिंतनबिन्दु, श्री रामचरित्र मानस का संगीतमय पाठ,ब्रजमाधुरी, खेती की बातें.
ब्रजमाधुरी, गुलदस्ता आदि कार्यक्रम अखबार बांटते समय
स्वयं सुनते और सड़क पर चलते हुये लोगोंको भी सुनवाते थे.
रेडियो की आवाज़ सुनकर लोग समझ लेते थे कि अखबार लेकर पंडितजी (मुकेश शर्मा जी आगये.अखबार समय पर पहुंचता है तो लगता है कि मुकेश एक नहीं अनेक मुकेश हैं
जो आज भी घर-घर में समय पर समाचार पत्र पहुंचाते हैं
मुकेश जी आज कथा-वार्ता-पंडिताई के साथ साथ
बल ,बुद्धि और विद्या के देवता श्री हनुमत लाल की सेवा-पूजा भी करते हैं. आंधी हो,तूफान हो. वर्षा हो ,धरती डांवाडोल हो
पर मुकेश भाई का अखबार तो पढ़ने वाले के यहां यथासमय पहुंचेगा ही.
पंडित मुकेश भाई का मानना है आकाशवाणी एक ऐसा
प्रसारण संस्थान रहा है जिसने दिया ही दिया है.ज्ञान के साथ शिक्षा सूचना और मनोरंजन दिया है. व्यवहार-संस्कार दिया है.
बोलने का ढंग सिखाया है. समय की पाबंदी का पाठ सिखाया है. आंधी हो,तूफान हो, धरती डोल रहो पर रेडियो एनाउंसर तो
रेडियो में निर्धारित समय पर अपने निर्धारित कार्यक्रम आरम्भ करेगा ही. उसीका अनुकरण मुकेश भाई आज भी करते हैं और
उनका अखबार समय पर हर घरमें घर-घर में पहुंचता है.
आजकल पंडित मुकेश जी! FM-102.02 मैगाहर्टज पर आकाशवाणी का मथुरा-वृंदावन द्वारा प्रसारित होंने वाले कार्यक्रम सुनते हैं. इसके लिये आप मुकेश जी को धन्यवाद
अवश्य देंना चाहेंगे.
रेडियो-सखा श्रीकृष्ण’शरद’ की ओर से पंडितजी मुकेश जी को
बहुत-बहुत बधाइयां.
डा.श्रीकृष्ण’शरद’
वरिष्ठ उदघोषक से. नि. आकाशवाणी मथुरा-वृन्दावन एवं आगरा