एक्सपायर्ड मलेरिया किटों से छह माह तक होती रहीं जांचें

एक्सपायर्ड मलेरिया किटों से छह माह तक होती रहीं जांचें

एटा। मेडिकल कॉलेज में मरीजों के स्वास्थ्य और जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। छह माह तक एक्सपायर्ड मलेरिया किटों से लोगों की जांचें की जाती रहीं। लैब टेक्नीशियनों ने जानकारी दी, लेकिन अधिकारी जानते हुए भी अनजान बने रहे। अक्तूबर 2021 में किटों की मियाद निकल चुकी थी, जबकि जांच अप्रैल 2022 तक जारी रही।
वीरांगना अबंतीवाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल वर्ष 2021 के शुरू में ही संबद्ध हो गए थे। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में आने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारियां संचालन की हो गईं। अक्तूबर 2021 में ब्लड बैंक में स्थित रक्तदान से आने वाले रक्त की जांच करने के लिए मलेरिया किटों की मियाद खत्म हो गई। इसकी जानकारी लैब टेक्नीशियन ने उच्चाधिकारियों को दी, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ और एक्सपायर्ड किटों से ही जांचें की जाती रहीं। अमर उजाला टीम ने पड़ताल की तो पता लगा कि अक्तूबर 2021 में ही मियाद निकल चुकी किटों से जांचें होती पाई गईं।
बिना मलेरिया किटों के ही चलाया जा रहा है काम
ब्लड बैंक की वर्तमान स्थित ऐसी हो गई है जो कभी नहीं हुई। यहां पर मलेरिया किटें खत्म हो चुकी हैं और एक्सपायर्ड किटों को ही उपयोग में लिया जाता है या फिर जांच ही नहीं की जाती है। ऐसे में किसी भी रक्तदाता से संक्रमित खून लिया जा सकता है और इसके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks