
कानपुर की 83 सम्पत्तियों को शत्रु सम्पत्ति घोषित करने की तैयारी, जिला प्रशासन ने शुरू कराया सर्वे
यूपी के कानपुर की 83 और संपत्तियों को बारी-बारी से शत्रु संपत्ति घोषित करने की तैयारी शुरू हो गई है। कस्टोडियन शत्रु संपत्ति के निर्देश पर जाजमऊ की पांच संपत्तियों का जिला प्रशासन ने सर्वे शुरू कर दिया है। इन संपत्तियों की कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है। इन पर दर्जनों अवैध कब्जेदार हैं।
जिला प्रशासन ने कंघी मोहाल, बेकनगंज और नाला रोड पर स्थित करोड़ों की तीन संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित किया है। इससे जिले में ऐसी संपत्तियों की संख्या 15 तक पहुंच चुकी है। जिले की 83 और संपत्तियों को घोषित किया जाना है। इसकी कवायद जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है। सबसे पहले पाकिस्तान जा चुके जाजमऊ निवासी एस हुमायूं नजीर की पांच संपत्तियों को लेकर तैयारी तेज हो गई है। प्रशासनिक टीम ने संपत्तियों का सर्वे भी कर लिया है। जल्द उनको शत्रु संपत्ति घोषित किया जाएगा। नोडल अफसर एसीएम सप्तम दीपक पाल ने इसकी पुष्टि की है।
शत्रु संपत्तियों पर दे दिया लोन
बशीर स्टेट, बेकनगंज और नाला रोड की घोषित तीन शत्रु संपत्तियों पर बैंक ऑफ बड़ौदा ने रोक के बावजूद लोन दे दिया है। भूमाफिया मुख्तार बाबा और उसकी पत्नी गुलशन जहां आदि ने गलत तथ्य देकर लोन लिया है और फिर चुकाया भी नहीं। बैंक ने संपत्तियों को बेचने का नोटिस भी जारी कर दिया।
32 को नोटिस जारी
जिला प्रशासन ने कंघी मोहाल, बेकनगंज और नाला रोड की घोषित तीन नई शत्रु संपत्तियों पर काबिज 32 लोगों को नोटिस जारी करके आपत्ति मांगी है।
कई केस कोर्ट में
12 शत्रु संपत्तियों को लेकर हाईकोर्ट में मामला चल रहा है। नागेश्वर विला, गैस्ट्रोलिवर अस्पताल समेत कई ने संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित करने के फैसले को गलत ठहराया है।
शीर्ष कोर्ट का है आदेश
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जनवरी 2020 में गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में गठित मंत्री समूह को करीब 9400 संपत्तियों का निपटारा करना था। कोरोना की लहर आ जाने के बाद इस पर कोई पहल नहीं हो सकी है।
क्या हैं शत्रु संपत्तियां
1965 के भारत-पाक युद्ध के बाद भारत सरकार ने इनमी प्रॅापटी एक्ट 1968 पारित कर भारत छोड़कर गए लोगों की जमीने, लॉकर्स, कंपनियों में शेयर आदि को अपने कब्जे में लेकर कस्टोडियन नियुक्त कर दिया।