दिल्ली/एटा- खूनी खेल खेलने पर आमादा चीन को मुंहतोड़ जवाब देने का समय- राजू आर्य

दिल्ली/एटा- खूनी खेल खेलने पर आमादा चीन को मुंहतोड़ जवाब देने का समय- राजू आर्य

●एलएसी पर सैन्य क्षमताएं बढ़ाने में जुटा हुआ है चीन।

●भारत-चीन सेना की हिंसक झड़प में 3 जांबाज़ शहीद, जवाब में 5 चीनी सैनिक भी ढेर।

भारतीय पत्रकार संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं विहिप नेता रंजीत कुमार उर्फ राजू आर्य ने हाल में बहरत और चीन की हिंसक झड़प से अवगत कराते हुए कहा कि भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर गालवन घाटी के पास दोनों सेनाओं के बीच सोमवार देर रात झड़प हो गई, जिसमें भारतीय सेना के एक अधिकारी जो कि कर्नल के पद पर तैनात थे और दो जवान शहीद हो गए। इसके साथ ही भारतीय सेना ने जवाब में 5 चीनी सैनिक मार गिराए। सेना की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, गालवन घाटी में डि-एस्केलेशन प्रक्रिया के दौरान बीती रात दोनों सेनाओं का आमना-सामना हो गया, जिसमें हमारे जवान शहीद हुए। इनमें भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो सैनिक शामिल हैं। दोनों पक्षों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूदा तनाव कम करने के लिए बैठक कर रहे हैं।

आर्य ने भारत-चीन सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के प्रति चिंता जाहिर करते हुए कहा कि चीनी अधिकारियों की मौज़ूदगी में चीनी सैनिकों ने नुकीले हथियारों से भारतीय सैनिकों पर हमला करके दिखा दिया है कि वह अब खूनी खेल खेलने को तैयार है। आर्य ने कहा कि अब समय आ गया है चीन को उसी की भाषा में मुँहतोड़ जवाब देकर एक उदारहण पेश करने का, जिससे कि बाकी देश जो भारत को आंखें दिखाने का दुस्साहस कर रहे हैं वे अपने कदम पीछे हटा लें। आर्य ने बताया कि चीनी सेना एलएसी के पास धीरे-धीरे रणनीतिकढंग से अपने सैन्य भंडार को बढ़ा रही है और उसने वहां तोपें एवं अन्य भारी सैन्य उपकरण पहुंचाए हैं। मौजूदा गतिरोध के शुरू होने की वजह पैंगोंग सो झील के आसपास फिंगर क्षेत्र में भारत के एक महत्वपूर्ण सड़क निर्माण का चीन द्वारा किया जा रहा तीखा विरोध है। इसके अलावा गालवन घाटी में “दारबुक-शयोक-दौलत बेग ओल्डी” को जोड़ने वाली एक और सड़क के निर्माण पर भी चीन विरोध जता रहा है।

भारतीय जवानों के गश्त करने के लिहाज से अहम है यह सड़क-

पैंगोंग सो में फिंगर क्षेत्र में सड़क को भारतीय जवानों के गश्त करने के लिहाज से अहम माना जाता है। भारत ने पहले ही तय कर लिया है कि चीनी विरोध की वजह से वह पूर्वी लद्दाख में अपनी किसी सीमावर्ती आधारभूत परियोजना को नहीं रोकेगा। दोनों देशों के सैनिक गत पांच और छह मई को पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग सो क्षेत्र में आपस में भिड़ गए थे। इस घटना में दोनों पक्षों के सैनिक घायल हुए थे। इस झड़प में भारत और चीन के करीब 250 सैनिक शामिल थे।

इसी तरह की एक अन्य घटना में नौ मई को उत्तरी सिक्किम सेक्टर में नाकू ला दर्रे के पास लगभग 150 भारतीय और चीनी सैनिक आपस में भिड़ गए थे।
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