बाल मजदूरी के खिलाफ बड़ी करवाही, 4 दर्जन बच्चों का किया गया रेस्क्यू

राजधानी दिल्ली में बाल मजदूरी के खिलाफ हुई बड़ी कार्यवाही. एक सामाजिक संस्था द्वारा एसडीएम सरस्वती के नेतृत्व में किया गया बच्चों का रेस्क्यू. 10 अलग अलग फैक्ट्री से 4 दर्जन बच्चों का किया गया रेस्क्यू. इन सभी बच्चों से करवाया जाता था 12–15 घंटे काम , मौके पर ही 10 फैक्ट्री संचालक के खिलाफ की गई कार्यवाही.
राजधानी दिल्ली में बाल मजदूरी के खिलाफ एक सामाजिक संस्था ने बड़ी कार्यवाही की है. एक सामाजिक संस्था सहयोग केयर एनजीओ द्वारा उत्तर पश्चिम दिल्ली के एसडीएम सरस्वती विहार के रामपुरा इलाके से बड़ी संख्या में बाल मजदूरों को रेस्क्यू किया है. दरअसल 5 मई गुरुवार को सहयोग केयर एनजीओ द्वारा एसडीएम सरस्वती विहार चद्रशेखर और तहसीलदार प्रेमचंद के साथ मिलकर आईडस्ट्रियल इलाके से कई फैक्ट्रियों में से 48 बच्चों को छुड़ाया है. मिली जानकारी के मुताबिक इन बच्चो की उम्र 12 से 17 वर्ष के बीच की है, जिनमें 40 लड़के और 8 लड़कियां हैं. सभी बच्चों को मेडिकल के बाद बाल कल्याण समिति सेवा कुटीर के आदेश से चाइल्ड केयर होम को भिजवाया गया. इस बारे में जानकारी देते हुए संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि इन बच्चों से 12–15 घंटे तक काम करवाया जाता था. जबकि बदले में इन बच्चों को नाम मात्र का ही वेतन दिया जाता था. संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री संचालक गरीब परिवार के बच्चों को उनकी मजदूरी का फायदा उठाकर इनसे दिन रात काम करवाया करते थे. संस्था के लोगों ने नाबालिग बच्चों को काम पर रखने के लिए फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है. मौके पर ही एसडीएम और श्रम विभाग द्वारा 10 फैक्टरी को सील किया गया है. अधिकतर फैक्ट्री में जूते चप्पल बनाने का काम किया जाता था. इस संबंध में सरस्वती विहार एसडीएम चंद्र शेखर ने बताया कि यहां पर दिन रात बच्चों से काम कराया जाता था. एसडीएम के मुताबिक फिलहाल फैक्ट्री संचालक के खिलाफ संबंधित विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है.
गौरतलब है कि सहयोग केयर NGO के डायरेक्टर राजेश कुमार ने कहा, इससे पहले भी बड़ी संख्या में बाल मजदूरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बच्चो का रेस्क्यू किया था. जब तक हम बच्चों को ऐसे जोखिम में डालते रहेंगे तब तक हमारा देश विकास नही कर सकता. उन्होंने कहा कि कमजोर आर्थिक परिवार होने के कारण और कोविड आपदा के कारण बाल श्रम मे बढ़ोतरी हुई है. सहयोग केयर NGO की पदाधिकारी ,ज्योति राठी, ने बताया दिल्ली में श्रम कानूनों को लागू करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है क्योंकि देश भर में कोई भी बच्चों को श्रम के रूप में रोजगार नहीं दे सकता है,