एनआईओएस ने इंटरमीडिएट मैं 50 प्रतिशत अंक ना होने पर रोकी D.El.Ed की अंक तालिका

एनआईओएस ने इंटरमीडिएट मैं 50 प्रतिशत अंक ना होने पर रोकी D.El.Ed की अंक तालिका
जिला न्यायालय ने दिया अंक तालिका देने का आदेश


साथ ही याचिका दायर करने में हुए धन खर्च एवं मानसिक लॉस के लिए 10,000 रुपए का जुर्माना।

बताते चलें कि शासन के निर्देशानुसार संपूर्ण भारत में सभी सेवारत अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिलाने हेतु भारत सरकार द्वारा एनआईओएस( नेशनल इंस्टिट्यूट ओपन स्कूलिंग ) को 2 वर्षीय D.El.Ed कराने का जिम्मा दिया था एनआईओएस द्वारा संपूर्ण भारत में लगभग 1200000 निजी एवं सरकारी संस्थानों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों को 2 वर्षीय डीएलएड जनपदों में कई प्रशिक्षण केंद्र बनाकर कराई गई जनपद एटा में एनआईओएस के प्रशिक्षण केंद्र महाराणा प्रताप महाविद्यालय एटा में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय शीतलपुर में संविदा पर तैनात शिक्षक आलोक सक्सेना ने एनआईओएस से D.El.Ed का प्रशिक्षण प्राप्त किया था प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत अंतिम वर्ष की मूल अंक तालिका शिक्षक को प्रदान करने से रोक दिया गया तथा एनआईओएस संस्थान द्वारा निर्देश जारी किए गए कि जो शिक्षक इंटरमीडिएट में 50% से कम अंक रखते हैं उन्हें पुनः सप्लीमेंट्री फॉर्म भर के संस्था से 50% अंक हासिल करने होंगे तभी उन्हें D.El.Ed प्रशिक्षण की अंक तालिका की मूल प्रति प्रदान की जाएगी इस पर पर शिक्षक आलोक सक्सेना जिला न्यायालय एटा की शरण में गए तथा एनआईओएस संस्थान पर याचिका दायर की इस पर लोक अदालत द्वारा स्पष्ट आदेश पारित किया गया कि शिक्षक को उसकी मूल अंक तालिका प्रदान की जाए क्योंकि प्रशिक्षण के मानक परीक्षा के बाद में निर्धारित करना गलत है तथा शिक्षक को मानसिक लॉस एवं याचिका दायर करने में हुए धन खर्च ₹10000 भी एनआईओएस संस्था प्रदान करें।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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