स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को शौच मुक्त कराने के प्रशासन के दावे खोखले ही दिखाई दे रहे हैं।
जनपद मुरादाबाद के ब्लॉक भगतपुर की ग्राम पंचायत अटरिया में ग्रामीण खुले में शौच करने जाने के लिए मजबूर है। ओडीएफ घोषित ब्लॉक की ग्राम पंचायत अटरिया को आनन-फानन में ओडीएफ तो घोषित कर दिया गया पर गांव में आज तक शौचालय निर्माण अधूरा है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गांवों को शौच मुक्त रखने के लिए घरों में नि:शुल्क शौचालय बनवाने के निर्देंश दिए गए थे। जबकि ग्रामीणों ने बताया कि सरकार की योजना से प्राप्त शौचालय में भी सरपंच, सचिव ने हमारे हक पर ढाका डाला है। ग्राम पंचायत अटरिया के ग्रामीण ने बताया कि हमारा शौचालय निर्माण आज भी अधूरा है। जिसके चलते हमे खुले में शौच करने को मजबूर है। रात को तो बहुत परेशानी होती है क्योंकि चारों तरफ जंगल होने के कारण जंगली जानवरों का डर बना रहता है लेकिन हमारी यह मजबूरी है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने ग्राम प्रधान से कई बार अपने घर पर शौचालय बनवाने की मांग की, लेकिन उनकी मांग को अनसुना कर दिया गया। कुछ ग्रामीणों के घरों पर अभी तक भी शौचालय नहीं बने हैं। ऐसे में कुछ ग्रामीण खुले शौच जाने को मजबूर है। जबकि विभागीय अधिकारियो से इस की शिकायक कई बार की जा चुकी है | परन्तु अभी तक शिकायत का कोई समाधान नहीं किया गया | देखना हे की कबतक ग्रामीण इस परेशानी के साथ जीते रहेंगे और विभागीय अधिकारी प्रधान अपनी आँखे मूंदे रहेंगे ?