
यूपी में आयरन-स्टील कारोबारियों के यहां 128 करोड़ की कर चोरी, 43 फर्मों के ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी
उत्तर प्रदेश के नोएडा व गाजियाबाद जोन की 43 फर्मों के ठिकानों पर राज्य कर विभाग ने एकसाथ छापेमारी की। कुछ फर्मों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये कराया जीएसटी पंजीयन। दोषी व्यापारियों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिये गए हैं।
रुपये की कर चोरी सामने आई है। दोषी व्यापारियों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराकर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गए हैं।
आयुक्त, राज्य कर मिनिस्ती एस. के निर्देश पर नोएडा व गाजियाबाद जोन में कर चोरी में लिप्त 49 फर्मों को चिन्हित किया गया था। इनमेें नोएडा, दादरी, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, सिकंदराबाद, खुर्जा व अन्य स्थानों पर स्थित 43 फर्मों के ठिकानों पर एकसाथ छानबीन की गई। इसके लिए नोएडा व गाजियाबाद जोन के अधिकारियों व कर्मियों की 23 टीमें गठित कर सुबह 10 बजे छापेमारी शुरू की गई।
नोएडा और गाजियाबाद जोन की 43 फर्मों में की गई छानबीन : एकसाथ 43 फर्मों में की गई छानबीन के दौरान कई दस्तावेज भी जब्त किये गए। जांच में सामने आया कि इन फर्मों के द्वारा आपस में मिलकर लगभग 650 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाते हुए 128 करोड़ रुपये की आइटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लेनदेन वास्तविक रूप से न करके केवल कागजों में किया। अब इनके वास्तविक लाभार्थियों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जिनकी आइटीसी ब्लाक कर वसूली की जाएगी।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीयन : अधिकारियों का कहना है कि कुछ फर्मों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीयन हासिल किया है और उनके द्वारा केवल ई-वे बिल बनाकर आइटीसी का लाभ लिया गया। ऐसे व्यापारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध एफआइआर भी दर्ज कराई जाएगी। फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग कर पंजीयन हासिल कर बोगस आइटीसी लेने वाले व वास्तविक कारोबार न कर मात्र बिङ्क्षलग का कार्य करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।