धार्मिक जुलूस निकालने पर सख्ती बढ़ी: शपथ पथ पर देनी होगी शांति कायम रखने की गारंटी, अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन की अनुमति नहीं

यूपी में धार्मिक जुलूस निकालने पर सख्ती बढ़ी: शपथ पथ पर देनी होगी शांति कायम रखने की गारंटी, अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन की अनुमति नहीं
उत्तर प्रदेश
देश के कई राज्यों में रामनवमी व शोभायात्राओं के कारण बढ़े सामाजिक तनाव को देखते हुए प्रदेश की योगी सरकार ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। गुरुवार को अफसरों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कोई भी शोभायात्रा और धार्मिक जुलूस बिना विधिवत अनुमति के न निकाली जाए।
अनुमति देने से पूर्व आयोजकों से शांति-सौहार्द कायम रखने के संबंध में शपथ पत्र लिया जाए और इस दौरान किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं किया जाना चाहिए। माहौल खराब हुआ तो हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी धार्मिक विचारधारा के हर किसी को अपनी उपासना पद्धति को मानने की स्वतंत्रता है। पूर्व से अनुमति से जहां माइक लगे हैं वहां माइक का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित हो कि माइक की आवाज़ उस परिसर से बाहर न आए। अन्य लोगों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। नए स्थलों पर नए माइक लगाने की अनुमति न दें।

प्रदेश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा करते हुए योगी ने कहा कि विगत कुछ दिनों से कोविड के नए केस में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर हमें सतर्क रहना होगा। यथा आवश्यक स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल के बारे में बच्चों को जागरूक किया जाए।

प्रदेश में वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या 980 है। विगत 24 घंटों में 01 लाख 14 हजार कोरोना टेस्ट किए गए, जिसमें 205 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 81 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। गौतमबुद्ध नगर में 103, गाजियाबाद में 52 और लखनऊ में 16 नए पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। इन जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।
एनसीआर के जनपदों तथा लखनऊ में सभी के लिए सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क की अनिवार्यता को प्रभावी बनाया जाए। लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन के लिए जागरूक किया जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जाए।
कोविड टीका लगवा चुके लोगों के लिए खतरे की संभावना न्यूनतम
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार संभव है कि आने वाले दिनों में नए पॉजिटिव केस में इजाफा देखने को मिले, किंतु वायरस का यह वैरिएंट सामान्य वायरल की तरह ही है। कोविड टीका लगवा चुके लोगों के लिए खतरे की संभावना न्यून है। लोगों को बताया जाए कि घबराने की कोई जरूरत नहीं, लेकिन सतर्कता, सावधानी बनाये रखनी होगी।

30 करोड़ 91 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण के साथ ही 18 वर्ष से अधिक आयु की पूरी आबादी को टीके की कम से कम एक डोज लग चुकी है जबकि 86.85 प्रतिशत से अधिक वयस्क लोगों को दोनों खुराक मिल चुकी है। 15 से 17 आयु वर्ग में 94.32 प्रतिशत किशोरों को पहली खुराक मिल चुकी है और 62 प्रतिशत से किशोरों को दोनों डोज लग चुकी है। बच्चों के टीकाकरण को और तेज करने की आवश्यकता है। 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को पहली डोज के बाद अब पात्रता के अनुसार दूसरी डोज भी दी जाए।

18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बूस्टर डोज लगाए जाने में तेजी की अपेक्षा है। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी नागरिक टीकाकवर से वंचित न रहे। बूस्टर डोज की महत्ता और बूस्टर टीकाकरण केंद्रों के बारे में आमजन को जागरूक किया जाए।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks