
*लावारिस हाल में छोड़ दिए कोविड वैक्सीन के बॉक्स, वैक्सीनेशन के लिए भटक रहे थे लोग
एटा
मेडिकल कॉलेज में वैक्सीन लगवाने को लोग भटकते नजर आए। टीकाकरण केंद्र के बाहर कोविड वैक्सीन के बॉक्स तो थे, लेकिन टीकाकरण करने वाले कर्मचारी गायब थे। एक दो घंटे नहीं, बल्कि तीन घंटे तक वहां कोई नहीं पहुंचा।
लावारिस हाल में छोड़ दिए कोविड वैक्सीन के बॉक्स
मेडिकल कॉलेज स्थित बर्न वार्ड में बनाए गए टीकाकरण केंद्र के बाहर कोविड वैक्सीन के बॉक्स शुक्रवार की सुबह लावारिस हाल छोड़ दिए गए। तीन घंटों तक ये इसी हाल में पड़े रहे। वैक्सीन लगाने के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिसके चलते लोग टीकाकरण कराने के लिए भटकते रहे।
एक ओर स्वास्थ्य विभाग लोगों को टीकाकरण कराने के लिए जागरूक कर रहा है, ताकि लक्ष्य को पूरा किया जा सके। वहीं दूसरी ओर कुछ स्वास्थ्य कर्मी लापरवाही बरत प्रयासों को फीका कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज स्थित बर्न वार्ड में बनाए गए टीकाकरण केंद्र पर शुक्रवार सुबह कर्मचारी वैक्सीन बॉक्स छोड़कर नदारद हो गए। तीन घंटों तक लावारिस स्थिति में वैक्सीन पड़ी रही।
मरीज सुबह नौ बजे से ही टीकाकरण कराने के लिए केंद्र पर पहुंचने लगे, लेकिन स्वास्थ्य कर्मी दोपहर 12 बजे तक नहीं पहुंचे और लोग टीकाकरण कराने के लिए भटकते रहे। मेडिकल कॉलेज स्थित टीकाकरण केंद्र को संचालित करने की जिम्मेदारी एमओआईसी मंडी समिति डॉ. रिषभ सक्सेना की है। जब इस संबंध में उनसे बात की गई तो, जानकारी करता हूं, कहकर कॉल काट दिया।
नहीं मिला कोई कर्मचारी
मोहल्ला बापूनगर निवासी राजेंद्र मिश्रा ने बताया कि कोरोना का दूसरा टीका लगाने के लिए सुबह नौ बजे बर्न वार्ड में बनाए गए केंद्र पर पहुंच गया। 12 बजे तक इंतजार किया, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं आया तो घर वापस जाना पड़ रहा है। वहीं उत्कर्ष पाठक ने कहा कि वैक्सीन लगवाने आया था, सुबह से ही इंतजार कर रहा हूं। लावारिस हालत में वैक्सीन बॉक्सों में रखी है। कर्मचारियों को कोई अता-पता नहीं है। टीकाकरण न होने से निराशा है।
कराई जाएगी जांच
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राम सिंह ने बताया कि टीकाकरण करने के लिए कर्मचारियों को वैक्सीन के साथ भेजा गया है। टीकाकरण क्यों नहीं किया जा रहा है, इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।