प्राइवेट अस्पतालों के नवीनीकरण नियम हुऐ सख्त , अब ऑनलाइन एक माह तक देनी होगी अटेन्डेन्स

एटा ! प्राइवेट नर्सिंग होम व क्लीनिकों एवं अस्पतालों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के यहां पंजीकरण कराने के पश्चात मौज ले रहे मैनेजिंग डायरेक्टरों के लिए इस वित्तीय वर्ष के प्रारम्भ माह अप्रैल में नवीनीकरण कराने पर पसीना पसीना होना पड सकता है ! जी हां, अब पहले जैसी बात नहीं रह गयी है क्योंकि पहले तो साइबर कैफे से ऑनलाइन नवीनीकरण कराने के बाद सम्बन्धित नोडल अधिकारी द्वारा निरीक्षण के पश्चात एक वर्ष तक चिकित्सालय के संचालन हेतु प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया जाता था परन्तु अब इस प्रक्रिया में बदलाव की खबर है ! मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. उमेश कुमार त्रिपाठी ने हमारे संवाददाता को बताया कि विभाग से पंजीक्रत नर्सिंग होम एवं हॉस्पीटल्स में ऐलोपैथी चिकित्सा पद्धति से उपचार एवं सर्जरी आप्रेशन करने वाले चिकित्सकों को अब नवीनीकरण के पश्चात एक माह का प्रावीजनल प्रमाण पत्र दिया जाऐगा तथा प्रथम एक माह तक प्रतिदिन नियमित रूप से सम्बन्धित हॉस्पीटल में कार्य हेतु आने के बाद अपने पर्सनल मोबाइल से फोटो खींचकर एवं व्हाटसैफ कॉलिगं नोडल चिकित्साधिकारी ( रजिस्ट्रेशन ) से करनी होगी ! तत्पश्चात नोडल अधिकारी के रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर ही एक वर्षीय हॉस्पीटल्स संचालन का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाऐगा ! मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.उमेश कुमार त्रिपाठी ने आगे बताया कि प्राय: यह देखने में आया है कि मैनेजिंग डायरेक्टर्स हॉस्पीटल्स रजिस्ट्रेशन के दौरान तो सम्बन्धित चिकित्सक व सर्जन के अभिलेखों को ऑन लाइन कराकर तथा एक या दो बार तो डाक्टर्स को बुलवाकर विभागीय अधिकारियों से मुलाकात करवा देते हैं परन्तु उसके बाद पैरामेडीकल कर्मचारियों व अप्रशिक्षित लोगों से मरीजों का उपचार कराकर उनके जीवन से खिलवाड़ करते हैं !