अब बचत को भी लगा चपत! 3 साल की एफडी में जितना ब्याज मिला, उससे ज्यादा तो महंगाई खा गई, मंहगाई दर 140 देशों में हमारे मुकाबले कम

अच्छे दिन का सपना दिखाने वाली सरकार से लोगों की उम्मीदों को झटका लगता दिख रहा है. RBI ने द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए रेपो रेट 4% व रिवर्स रेपो रेट 3.5% पर ही स्थिर रखने का फैसला किया है. आखिरी बार 22 मई 2020 को दरों में बदलाव हुआ था. RBI ने चालू वित्त वर्ष में महंगाई दर 5.7% व जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2% रहने का अनुमान जताया है. आंकड़े बताते हैं कि तीन साल में महंगाई दर (2019 में 4.7%, 2020 में 6.1% और 2021 में 5.5%) 16.5% बढ़ी है, जबकि एफडी पर ब्याज (2019 में 6.4%, 2020 में 5.5%, 2021 में 4.4%) 16.3% मिला यानी घाटा हुआ है.
दुनिया की शीर्ष 5 अर्थव्यवस्थाओं में जापान में होम लोन पर ब्याज दर सबसे कम और भारत में सबसे ज्यादा है. डेनमार्क में कर्ज पर ब्याज सबसे कम -0.45%, नीदरलैंड्स में 0.35% और पेरू में 0.59% है. 193 देशों में कर्ज पर सर्वाधिक ब्याज वसूलने में भारत 37वें नंबर पर है. यहां होम लोन पर ब्याज 6.65% है.
अमेरिका में महंगाई दर 7.87%, चीन व जापान में 0.9%, जर्मनी में 5.1% और भारत में 6.07% है. सबसे ज्यादा महंगाई दर के आंकड़े देखें तो 193 में से 140 देशों में भारत के मुकाबले कम महंगाई दर है. वेनेजुएला में महंगाई दर दुनिया में सबसे ज्यादा 1198% है। 340% के साथ सूडान दूसरे पर है.