इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से कोरोना के छिपे केसों को सामने लाने के लिए आशंकित मरीजों के सैंपल लिए जाने का ग्राफ तेजी के साथ बढ़ाने की जरूरत बताई गई है। आईएमए मुरादाबाद ब्रांच के अध्यक्ष डॉक्टर अजय अरोरा ने कहा कि जिले में प्रतिदिन लिए जाने वाले सैंपलों की संख्या कम से कम पांच गुना बढ़ाना बहुत जरूरी हो गया है। ऐसा होने पर ही जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति का पता चलेगा। कोरोना की सैंपलिंग जरूरत से काफी कम होने के चलते इस बात का अंदेशा है कि बड़ी संख्या में कोरोना के केस सामने ही नहीं आ पा रहे हैं। प्रतिदिन की सैंपलिंग तीन हजार तक पहुंचना कोरोना की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में काफी मददगार होगा।