
निर्माणाधीन भवन टूटने के बाद दो एफआईआर
एटा – प्रशासन ने घर का निर्माण करा रहे बलवीर यादव पर दो एफआईआर दर्ज कराई है। कोतवाली नगर में नगर पालिका परिषद के संपत्ति लिपिक ने एक रिपोर्ट दर्ज कराई है तो दूसरी रिपोर्ट लेखपाल ने अपनी तरफ से दर्ज कराई है। दोनों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर यह कब्जा कर लिया था। इसमें डीएम के आवास का ही हिस्सा शामिल था।
लेखपाल राजबहादुर सिंह ने कोतवाली नगर में पहली एफआईआर दर्ज कराते हुए बताया कि मोहल्ला द्वारिकापुरी निवासी बलवीर पुत्र गजराज सिंह ने आबादी बंगला जिलाधीश पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। आरोप है कि डीएम के बंगले पर कब्जा के बाद उसपर मकान खड़ा कर दिया। दूसरा मुकदमा नगर पालिका की ओर से दर्ज कराया गया है। इसमें पालिका के संपत्ति लिपिक यशवीर सिंह ने दर्ज कराई है। बताया कि यादव नगर तिराहे से कचहरी रोड़ के मध्य नगर पालिका की पुरानी सड़क पर कूट रचित तरीके से सरकारी जमीन का फर्जी बैनामा कराया और कब्जा कर जगह का दुर्पयोग भी किया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
एक नक्शा वर्ष 1988 में पास कराया गया था। दूसरा नक्शा मार्च 2021 में पास हुआ। यह जमीन का बैनामा कराया है। इस संबंध में कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। इस भवन में करीब 30 लाख रुपये का पेंट से संबंधित माल भी दब गया है। इस जमीन को खरीदने और भवन बनाने के लिए 60 लाख रुपये का बैंक से लोन भी लिया है। बिना किसी सूचना के ही हमारा तोड़ दिया गया।
- बलवीर सिंह यादव