मेडिकल कॉलेज में अवनि परिधि कर्मियों की नौकरी पर संकट

मेडिकल कॉलेज में अवनि परिधि कर्मियों की नौकरी पर संकट
एटा – वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में कार्य कर रहे अवनि परिधि, रामा इन्फोटेक के कर्मचारियों की नौकरी पर संकट मंडराने लगा है। शनिवार को उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर न करने देने से इनमें रोष पनप गया। आक्रोशित कर्मचारियों का कहना है कि छह माह से वेतन न मिलने से उनके सामने आर्थिक समस्याएं आ रही हैं।
शनिवार को मेडिकल कॉलेज के मैटर्न कार्यालय में अवनि परिधि और रामा इन्फोटेक संस्था के कर्मचारी नियमित रूप से अपनी उपस्थिति रजिस्टर में अंकित करने पहुंचे। वहां उपस्थिति रजिस्टर संभालने वाली मैटर्न ने उनसे हस्ताक्षर कराने से इनकार कर दिया। पूछने पर उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि उनसे मना कर दिया गया है।
उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर न करने देने से इन संस्थाओं के कर्मचारियों में रोष व्याप्त हो गया। सीएमएस कार्यालय के बाहर यह कर्मचारी काफी देर तक रोष जाहिर करते रहे। अंत में इन्होंने मेडिकल कालेज प्राचार्य के नाम एक शिकायत पत्र देने को तैयार किया। इसमें दोनों संस्थाओं के कार्य करने वाले 18 कर्मचारियों ने अपने हस्ताक्षर किए हैं।
इनका कहना है कि वह तीन-चार वर्ष से लगातार जिला अस्पताल के बाद मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रहे हैं। उनको छह माह से अभी तक वेतन नहीं दिया गया है। वेतन न मिलने से उनके सामने आर्थिक समस्याएं आ रही है। वेतन के लिए उन्होंने कई बार मेडिकल कॉलेज प्राचार्य, सीएमएस और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को लिखित में दिया है। हर बार उनको जल्द वेतन दिलाने का आश्वासन दिया गया है। शनिवार को उनको उपस्थिति दर्ज नहीं करने दी गई है। इससे उनमें रोष है। शनिवार को रोष व्यक्त करने वाले कर्मचारियों में अवनीश, दुर्गेश, सदानंद, आकाश, मुन्नालाल, आशू, माधवी, सुधा, दिनेश, विमल आदि शामिल रहे।

वेंटीलेटर ऑपरेटरों को एक वर्ष से नहीं मिला मानदेय

कोरोना काल से वेंटीलेटर पर कार्य कर रहे छह वेंटीलेटर ऑपरेटरों को एक वर्ष से मानदेय नहीं दिया गया है। इससे वह आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। वेंटीलेटर ऑपरेटर शैलेंद्र, अनिकेत, मुकेश, वीनेश, राजीव, अभिनेंद्र का कहना है कि उनको कोरोना काल में ड्यूटी करने का भी पैसा नहीं दिया गया है। मेडिकल कॉलेज में उनके स्थान पर बिना कोई सूचना दिए दस ओटी/इमरजेंसी टेक्नीशियन की भर्ती कर ली गई है। जबकि उन्होंने वेतन के लिए उपस्थिति प्रमाण पत्र सहित बिल सीएमओ कार्यालय में दे दिए हैं। उसके बाद भी उनका मानदेय नहीं दिया जा रहा है। अप्रैल 2021 से कार्य करने का मानदेय नहीं दिया गया है। उससे वह परेशान हैं।

वेंटीलेटर ऑपरेटरों की सेवा अप्रैल-मई 2021 में ही समाप्त कर संबंधित को सूचना दे दी गई है। उससे पूर्व कोरोना काल में काम करने का मानदेय उनको दिया जा चुका है। उनकी जगह इमरजेंसी/ओटी टेक्नीशियन की भर्ती कर ली गई है।
-डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी, सीएमओ, एटा

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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