भीम आर्मी के नाम कर रहा था गुंडई लिखा गया 151 का केस
राजधानी लखनऊ के थाना गुडंबा के अंतर्गत बेहटा चौकी के अंतर्गत चल रही थी चेकिंग

एक युवक जो अपना नाम बता रहा था आशीष चौधरी पुलिस के पूछने पर यह भी बताया कि बाराबंकी का निवासी हूं जुबान लड़खड़ा रही थी
जबकि आशीष के दाहिने हाथ का खुला हुआ भाग सामने नजर आ रहा था
तो वहीं पुलिस ने युवक को काफी नशे में देखते हुए 151 का मुकदमा लिखना उचित समझा और थाने में बंद कर दिया जिससे इसका नशा उतर जाए और आगे ऐसी गलती ना करें
लेकिन लेकिन युवक आशीष कुमार ने भीम आर्मी का झांसा देते भी पुलिस को फसाने का पूरा प्रयास कर दिया जो प्रयास पूरा झूठा था सच्चाई क्या थी यह आशीष भी जानते हैं भले ही पुलिस को ना बताएं या अपने व्यक्तियों की पुराना बताएं
दरअसल आशीष की चोट जो भी फोटो में दर्शाई जा रही है वह चौकी के अंतर्गत की नहीं है
आशीष चौधरी जो बता रहे हैं मैं यस सी कैटेगरी की हूं तो इधर मनोज मिश्रा चौकी चौकी इंचार्ज बेटा के इनके ऊपर दलित एप्प लगाने की बात कर रहे हैं। झूठ के दायरे में आता है
यह भी लखनऊ कमिश्नर की जांच के विषय
नशे में अन्य जगह पर मारपीट भले ही किया हो लेकिन चौकी के अंतर्गत मारा-पीटा नहीं गया है ऐसा कहना है मनोज कुमार मिश्रा का जो कि बेटा चौकी इंचार्ज
माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुलिस कमिश्नर पूर्ण मामले की जांच करने का पूरा अधिकार है
पुलिस अपने कर्तव्य का निस्वार्थ लोगों की मदद करती है करती रहेगी
पुलिस का काम है जनता की जन सेवा करना वह करती है करती रहेगी यह पुलिस का कर्तव्य है।
ऐसा कहना है उत्तर प्रदेश पुलिस का