
नहीं दिखाई समझदारी, तो फिर बिगड़ गई बात
एटा – सड़क हादसे के बाद गम में डूबे परिवार को सांत्वना देने के बजाए पुलिस की ओर से संतोषजनक तरीके से बात नहीं की गई। पुलिस होली के उत्सवा में डूबी हुई थी। वहीं भीड़ को भी यह समझना चाहिए था कि जब घटनास्थल दूसरे थाना क्षेत्र का है तो वहीं पर सूचना देनी चाहिए थी।
कासिमपुर के लोग जिस समय थाना निधौली कलां पर गए थे। उस समय अधिकांश पुलिसकर्मी होली के उत्सव में डूबे थे। होली के दूसरे दिन पुलिस की होली मनाई जाती है। जिस कांस्टेबल से बात की जा रही थी वह संतोषजनक तरीके से अगर जवाब देकर संतुष्ट कर देता तो यह लोग भी समझ जाते। कांस्टेबल को डांटने की बजाए थाने के जिम्मेदारों ने पुलिसिया रौब दिखाते हुए मृतक के भाई के गाल पर थप्पड़ जड़ दिया। यह देखकर ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। पहली बार में तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को दौड़ा लिया था। थोड़ी ही देर में पुलिस ने फायरिंग कर ग्रामीणों में दहशत फैला दी। बस फिर क्या था जो भी मिला उसी को दौड़ा लिया। इसमें ज्ञानसिंह, मेधनाथ, मुन्नालाल एक महिला के गंभीर चोटें आईं हैं। दो लोगों के हाथ में फ्रैक्चर की जानकारी मिल रही है। पुलिस की ओर से दावा किया जा रहा है कि करीब छह पुलिसकर्मी भी पथराव में घायल हो गए हैं।