
दर्द से कराहते कराहते उसकी जान निकल गई
एटा। आगरा के जलकल संस्थान से निधौलीकलां थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति एटा डिपो की अनुबंधित बस में बुधवार सुबह बैठा। टूंडला पहुंचने पर उसके सीने में दर्द उठा। एटा पहुंचने से पहले दर्द से कराहते कराहते उसकी जान निकल गई। जबकि चालक बस को दौड़ाता रहा, न तो यात्री को बस में कोई चिकित्सकीय सहायता मिल सकी और न ही 60 किमी के सफर में चालक-परिचालक को कोई अस्पताल, क्लीनिक ही दिखा, जहां उसका इलाज कराया जा सकता। एटा पहुंचकर पुलिस को मौत की जानकारी देकर जिम्मेदारी पूरी कर ली गई।
गांव खंगारपुर निवासी नरेंद्र ने बताया कि वह और उसका भाई बंशीधर उर्फ सूबेदार जयपुर में सिलाई की फैक्ट्री में कार्य करते हैं। होली पर बंसीधर मंगलवार की शाम को फैक्ट्री से निकल आया। रोडवेज बस से आगरा तक आया। आगरा में जलकल संस्थान से एटा डिपो की अनुबंधित बस में एटा आने के लिए सुबह करीब 5.30 बजे बैठ गया। उसके पास फिरोजाबाद जनपद के गांव वाहनपुर निवासी अखिलेश बसुंधरा तक आने के लिए बैठा था।
बंसीधर ने टूंडला पर अखिलेश को बताया कि सीने में दर्द हो रहा है। इसके बाद अवागढ़-बसुंधरा के बीच उसे पसीना आ गया और सीने में तेज दर्द हुआ। परेशानी ज्यादा हुई तो बंशीधर ने घर पर कॉल कर परिजन को जानकारी देने का अनुरोध किया। इसी दौरान वह सीट पर लेट गया और बेहोश हो गया। चालक-परिचालक ने एटा से पहले कोई क्लीनिक-अस्पताल देखने की जहमत नहीं की। इलाज के अभाव में बंशीधर की मौत हो गई